जम्मू-कश्मीर में रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास से आवागमन को बढ़ावा मिलेगा और आमजन की यात्रा आसान होगी। रेलवे का जुड़ाव समाज की जीवन रेखा है। एक रेलवे लाइन न केवल विभिन्न क्षेत्रों के साथ जुड़ाव को मजबूत करती है, बल्कि यह आर्थिक रूप से समृद्धि भी लाती है। इससे आमजन के जीवन स्तर में बदलाव आता है। ये बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की। इसके तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर में 24,470 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी।
उपराज्यपाल ने योजना में जम्मू-कश्मीर के तीन रेलवे स्टेशनों जम्मूतवी, उधमपुर और बडगाम को शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने यहां चल रही रेल परियोजनाओं और इससे आए परिवर्तन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कश्मीर घाटी में कई बड़ी रेल परियोजनाएं देख रहे हैं। इस वर्ष के अंत तक रेल ट्रैक के जरिये कश्मीर कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा। यह घाटी को देश के सभी महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ने का काम करेगा।
यहां बनेंगीं नई रेल परियोजनाएं
उपराज्यपाल ने बताया कि रेलवे ने कश्मीर में पांच सीमावर्ती स्थानों के सर्वेक्षण कार्यों को मंजूरी दे दी है। इनमें बारामुला-बनिहाल रेलवे लाइन का दोहरीकरण, नई बारामुला-उड़ी, अवंतिपोरा-शोपियां, सोपोर-कुपवाड़ा और अनंतनाग-बिजबिहाड़ा-पहलगाम रेल लाइन शामिल है। इस मौके पर जिला विकास परिषद बडगाम के अध्यक्ष नजीर अहमद खान, एडीजीपी जम्मू विजय कुमार, मंडलायुक्त कश्मीर विजय कुमार बिधूड़ी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।