फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Ground Report: अनंतनाग में पिघल रही राजनीति की बर्फ, दो पीरजादों में महबूब की परीक्षा; त्रिकोणीय मुकाबला

Mon, 09 Sep 2024 03:08 PM IST
शाहरुख खान फिदा हुसैन, संवाद न्यूज एजेंसी, अनंतनाग

सार

झेलम क्षेत्र के अनंतनाग में त्रिकोणीय मुकाबले का संगम है। दो पीरजादों में महबूब फंसे हैं। 2014 में पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। भाजपा भी चुनौती पेश करने के लिए मैदान में है।
विज्ञापन
Jammu Kashmir Assembly - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अनंतनाग जिले से बहकर निकलने वाली झेलम के अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र में नेकां, पीडीपी और भाजपा की तीन अलग-अलग विचारधाराएं बह रही हैं। अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र के लिए 18 सितंबर को मतदान है। यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। 
विज्ञापन


पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने अनंतनाग सीट से महासचिव और पूर्व मंत्री डॉक्टर महबूब बेग को उतारा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार पीरजादा मोहम्मद सईद हैं। भारतीय जनता पार्टी ने यहां से सईद पीरजादा वजाहत हुसैन को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। 

61070 मतदाताओं वाली यह सीट कभी किसी एक पार्टी का गढ़ नहीं रही है। दक्षिण कश्मीर की इस सीट पर चाहे सभी राजनीतिक दलों की नजर हो लेकिन अतीत में यह सीटी कभी पीडीपी तो कभी नेकां की झोली में जाती रही है। विधानसभा क्षेत्र में 13 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी है। 
विज्ञापन


इनमें एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। हालांकि विधानसभा क्षेत्र में महिला और पुरुष मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है। विस क्षेत्र में 30645 पुरुष प्रत्याशी, तो 30425 महिला प्रत्याशी हैं। 2014 में अनंतनाग सीट पर पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने जीत प्राप्त की थी। इस सीट को अपने कब्जे में रखने के प्रयास में पीडीपी ने अनुभवी नेता को यहां से उतारा है। 

पीडीपी प्रत्याशी डॉक्टर महबूब बेग पूर्व मंत्री के साथ-साथ सांसद भी रहे हैं। गठबंधन के प्रत्याशी पीरजादा कांग्रेस के एक बड़े नेता हैं। वह जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पहले यह कोकरनाग सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं लेकिन परिसीमन के बाद इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। 

 

अनंतनाग क्षेत्र में लंबे समय तक काम करने के चलते पार्टी ने इन पर दांव खेला है। अपनी पार्टी ने भी इस क्षेत्र से अपना प्रत्याशी उतारा है। हिलाल अहमद शाह को टिकट दिया गया है। हिलाल अहमद पहले कांग्रेस में थे लेकिन अपनी पार्टी बनने के बाद बुखारी के साथ आ गए।
 

2014 में 51 फीसदी वोट शेयर के साथ बड़ी पार्टी के रूप में उभरी पीडीपी
वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें, तो पीडीपी की तरफ से संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने चुनाव लड़ा। पार्टी ने 51 फीसदी वोट शेयर के साथ जीत प्राप्त की और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। दूसरे स्थान कांग्रेस रही। कांग्रेस यहां 33 फीसदी वोट शेयर हासिल करने में कामयाब रही।

सात फीसदी वोट शेयर के साथ क्षेत्रीय पार्टी होने के बावजूद नेकां दहाई का आंकड़ा नहीं छू सकी। भारतीय जनता पार्टी ने यहां पर चार फीसदी के करीब वोट लिया और चौथे स्थान पर रही। इस बार भी भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार उतारा है।

 

लोगों को चाहिए समस्याओं का समाधान करने वाला प्रत्याशी
स्थानीय लोगों में अब्दुल सलाम का कहना है कि यहां बेरोजगारी सहित कई तरह की समस्याएं हैं। मैं उस सुबह का इंतजार कर रहा हूं जब वोट डालने के लिए मतदान केंद्र जाऊंगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हम चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए 10 वर्ष से इंतजार कर रहे हैं। अनंतनाग की जनता का कहना है कि हम इस बार ऐसे प्रत्याशी को विधायक के रूप में देखना चाहते हैं जो जनता की समस्याओं का समाधान करने वाला हो।

क्षेत्र के मुद्दे
सड़क की खसताहालत
बिजली बिलों में इजाफा
जिला अस्पताल न होना
युवाओं के रोजगार
फ्लाईओवर चाहिए
स्पोर्ट्स स्टेडियम नहीं

10 साल में क्या मिला
सरकारी मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं बढ़ीं
ग्रामीण क्षेत्र की कुछ सड़कों का सुधार हुआ
कई सड़कों का चौड़ीकरण हुआ
विज्ञापन

विस क्षेत्र की खासियत
अनंतनाग छह जिलों की सीमाओं से घिरा है। यहां मुख्य रुप से अखरोट, सेब और धान की बड़े पैमाने पर खेती होती है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें