एंटी करप्शन ब्यूरो ने सरकारी राशन की हेराफेरी में तहसील आपूर्ति अधिकारी (टीएसओ) व दो अन्य कर्मचारियों समेत सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। स्पेशल जज एंटी करप्शन कठुआ के समक्ष टीएसओ बिलावर अमर सिंह, सीएपीडी स्टोर कीपर जसवंत सिंह, सेल्समैन बेली राम के अलावा कैरिज कांट्रेक्टर सुख राम, जगदीश राज, बिशन दास और खुशी राम के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। मामले की अगली सुनवाई तीन फरवरी 2020 को होगी।
इन आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। एसीबी ने जांच में पाया कि आरोपियों ने एपीएल और बीपीएल श्रेणी के राशन को अप्रैल 2009 से फरवरी 2010 तक मल्हार और किंडली के लोगों के नाम से जारी कराया। लेकिन इसे निजी हाथों में बेच दिया गया। छानबीन में 23 लाख 2 हजार 989 रुपये की हेराफेरी पाई गई। सरकारी राशन बेचने के साथ ही 4 लाख 24 हजार 634 रुपये कैरेज के रूप में निकलवा लिए। विभाग को कुल 27 लाख 27 हजार 623 रुपये का नुकसान हुआ।
विदेश मंत्री के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा के नाम से फर्जीवाड़ा
टूर एंड ट्रैवल व्यवसायी पर क्राइम ब्रांच ने फर्जीवाड़े के मामले में एक औैर चार्जशीट पेश की है। आरोपी ने पहले तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज उसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नाम से फर्जी डीओ लेटर जारी कर वैष्णो देवी यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर के टिकट हासिल किए। आरोपी संदीप कौल निवासी छन्नी हिम्मत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज हैं।