कश्मीर संभाग की अनंतनाग लोकसभा सीट के सभी 714 मतदान केंद्रों को चुनाव आयोग ने क्रिटिकल श्रेणी में रखा है। देश भर में किसी संसदीय सीट के सभी मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखे जाने का यह शायद पहला मामला भी है।
हिंसा व आतंकवाद प्रभावित अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में कानून व्यवस्था की खराब हालत के चलते 2016 में लोकसभा उपचुनाव तक नहीं हो पाया। आखिर यह सीट करीब ढाई साल से खाली ही पड़ी रही।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव आयोग ने अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में तीन चरणों में चुनाव करवाने के फैसले के साथ-साथ सभी मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रख दिया है।
सभी मतदान केंद्रों में डिटिजल अथवा वीडियो कैमरे से मतदान दिवस पर रिकार्डिंग होगी। माइक्रो पर्यवेक्षक मतदान केंद्रों पर रहेंगे। सबसे अहम केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की पर्याप्त संख्या हर मतदान केंद्र पर रहेगी।
अर्द्धसैनिक बल मतदान दिवस से कुछ दिन पहले ही बूथों पर तैनात हो जाएगी और लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए सुरक्षा बलों का फ्लैग मार्च भी होगा। अनंतनाग संसदीय क्षेत्र में तीन चरणों में मतदान 23 अप्रैल, 29 अप्रैल व 6 मई को करवाया जाएगा।
"अनंतनाग संसदीय क्षेत्र के सभी मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। साफ-सुथरे ढंग से चुनाव करवाने के चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन किया जाएगा।"-अल्ताफ अहमद खान, अतिरिक्त जिला उपायुक्त अनंतनाग (चुनाव)