जम्मू-कश्मीर में असिस्टेंट प्रोफेसरों के 850 पद जेकेपीएससी के पास रेफर किए गए, लेकिन अभी तक विज्ञापित नहीं किए गए हैं। रियासत में 40 नए डिग्री कालेज खुलने हैं। राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) इस संबंध में फैसला भी ले चुका है। इस साल 20 कालेज खोले जाने हैं, लेकिन पद विज्ञापित हुए बगैर फैकल्टी कैसे मिलेगी यह सवाल है।
ज्यादातर कालेजों में शिक्षा व्यवस्था एकेडमिक अरेंजमेंट आधार पर चल रही है। कोई 2300 पद इनके सहारे भरे गए हैं। जेएंडके कालेज टीचर्स एसोसिएशन (जेकेसीटीए) 1500 पद और सृजित किए जाने की मांग कर चुकी है, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। अलबत्ता, जहां एकेडमिक अरेंजमेंट के आधार पर पद भरे गए हैं, उसी स्टाफ को नियमित किए जाने का छात्र विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त तरीके से रिक्रूटमेंट प्रोसेस को फालो कर यह पद भरे जाने चाहिए।
न केवल उच्च शिक्षा बल्कि तकनीकी शिक्षा का भी यही हाल है। अलबत्ता, तकनीकी शिक्षा में एकेडमिक अरेंजमेंट के आधार पर बरसों से काम कर रहे अध्यापक राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सलाहकार खुर्शीद अहमद गनई से नियमितीकरण की मांग को लेकर मिले हैं। उन्होंने इस संबंध में जल्द रेगुलराइजेशन पालिसी लाए जाने का भरोसा तो दिलाया है, लेकिन जेकेपीएससी के पास जो पद रेफर किए गए हैं, उन पर बात कब आगे बढ़ेगी, इसका बेरोजगार युवाओं को शिद्दत से इंतजार है।