लोक निर्माण विभाग में 1099, उच्च शिक्षा विभाग में 475 राजपत्रित और 214 अराजपत्रित पद रिक्त हैं। स्कूल शिक्षा विभाग में 727 अराजपत्रित, कौशल विकास विभाग में चार राजपत्रित और 48 अराजपत्रित पद रिक्त हैं। समाज कल्याण विभाग में 181, परिवहन विभाग में 198, युवा सेवा और खेल विभाग में 88, कृषि उत्पादन विभाग में चार राजपत्रित और 322 अराजपत्रित पद रिक्त हैं।
ग्रामीण विकास विभाग में 109, सामान्य प्रशासन विभाग में 105 राजपत्रित और 167 अराजपत्रित, कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण विभाग में एक राजपत्रित और 158 अराजपत्रित, सहकारिता विभाग में 26 राजपत्रित और 187 अराजपत्रित, खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता मामले विभाग में 373 अराजपत्रित, वन विभाग में 130, श्रम विभाग और रोजगार विभाग में 100, चुनाव विभाग में 69, संपदा विभाग में 69, संस्कृति विभाग में 100, आतिथ्य प्रोटोकाल विभाग में 18, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में 14 राजपत्रित और 128 अराजपत्रित पद खाली हैं। जलशक्ति विभाग में 987, विधि विभाग में तीन राजपत्रित और 21 अराजपत्रित, खनन विभाग में दो राजपत्रित और 91 अराजपत्रित पद रिक्त हैं। ग्रामीण विकास विभाग में 109 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में दो राजपत्रित और 12 अराजपत्रित पद रिक्त हैं।
नौकरी नहीं दे सकते तो बेरोजगारी भत्ता दें : एनएसयूआई
एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अजय लखनोत्रा ने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। मंत्री और विधायक अपने भत्ते बढ़ा रहे हैं। जेकेएस नौकरी के नाम पर 33 करोड़ रुपये आवेदन फीस के रूप में वसूल की गई और इस भर्ती की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया गया।
जिन विभागों में पद खाली हैं वहां लोगों के काम भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं। प्रदेश सरकार से भी सवाल बनता है कि एक साल के कार्यकाल में बेरोजगारों के लिए क्या कदम उठाए गए। अगर नौकरी नहीं दे सकते हैं तो बेरोजगारी भत्ते का वादा पूरा करें।
एबीवीपी सड़क पर उतरेगी
एबीवीपी के राज्य सचिव सनक श्रीवास्तव ने बताया कि विभागों में खाली पदों को भरा जाना चाहिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। अब इस वादे को पूरा नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश भर में खाली पदों की संख्या सामने आने के बाद युवा आहत हैं और आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा एबीवीपी भविष्य में बेरोजगारी और भर्तियां न होने के खिलाफ आंदोलन चलाएगी। इन मुद्दों को सड़क पर उतारा जाएगा।
मानसिक दबाव झेल रहे हैं कर्मचारी
एनपीएस कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रफीक मलिक ने बताया कि कर्मचारियों को अतिरिक्त बोझ से गुजरना पड़ रहा है। स्टाफ कम होने की वजह से मानसिक परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा बेरोजगारों को रोजगार न मिल पाना भी मुसीबत है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इतनी तादाद में पद खाली हैं तो उन्हें भरने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाने चाहिए।