अधिकारियों के अनुसार, 25 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित पैडल फॉर पीस साइकिलिंग कार्यक्रम के समापन समारोह के दौरान जब राष्ट्रगान हुआ तो आरोपी सम्मान में खड़े नहीं हुए। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस अपमानजनक हरकत पर कड़ा संज्ञान लिया।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की उपस्थिति में बजाए गए राष्ट्रगान के दौरान खड़े नहीं होने पर 12 लोगों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इतना ही नहीं राष्ट्रगान बजने से पहले सभी लोगों के खड़े होने को सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए पुलिस म्यूजिक बैंड के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
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यह कार्यक्रम 25 जून को श्रीनगर में आयोजित किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, 25 जून को जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित पैडल फॉर पीस साइकिलिंग कार्यक्रम के समापन समारोह के दौरान जब राष्ट्रगान हुआ तो आरोपी सम्मान में खड़े नहीं हुए। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस अपमानजनक हरकत पर कड़ा संज्ञान लिया।
पुलिस के सूत्रों ने पहले कहा था कि राष्ट्रगान का अपमान करने के लिए 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और कुछ पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया था। बाद में श्रीनगर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा कि केवल 12 लोगों को आपराधिक धाराओं के तहत प्रतिबंधित किया गया है।
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इसके बाद श्रीनगर पुलिस ने एक ट्वीट किया कि एक असत्यापित खबर चल रही है कि राष्ट्रगान का अपमान करने के लिए 14 पुलिसकर्मियों/व्यक्तियों को गिरफ्तार/निलंबित कर दिया गया है। यह स्पष्ट किया जाता है कि यह खबर पूरी तरह से झूठी है, बल्कि 12 व्यक्तियों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत प्रतिबंधित किया गया है।
पुलिस कर सकती है गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, 12 लोगों को सीआरपीसी की धारा 107 और 151 के तहत प्रतिबंधित (बांड डाउन) किया गया है। ये धाराएं पुलिस को किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने या हिरासत में लेने या अपराध की आशंका में उससे एक बांड पर हस्ताक्षर करने के लिए कहने की शक्ति प्रदान करती हैं।