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Jammu: जिन्ना हटेंगे, अब शहीद भगत सिंह को पढ़ाएगी जम्मू यूनिवर्सिटी; अल्लामा इकबाल के अध्ययन पर नहीं आपत्ति

Thu, 26 Mar 2026 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू

सार

पॉलिटिकल साइंस विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में जिन्ना को सिलेबस से हटाकर शहीद भगत सिंह को जोड़ने का फैसला हुआ। वहीं अल्लामा इकबाल और सर सैय्यद अहमद खान के नाम पर बोर्ड के किसी सदस्य ने आपत्ति नहीं की, इसलिए इन्हें सिलेबस में शामिल रखा जाएगा।
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Jammu University - फोटो : X(@UniversityJammu)
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विस्तार
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जम्मू यूनिवर्सिटी में अब मोहम्मद अली जिन्ना की जगह शहीद भगत सिंह के विचार पढ़ाए जाएंगे। मंगलवार को पॉलिटिकल साइंस विभाग के बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में जिन्ना को सिलेबस से हटाकर शहीद भगत सिंह को जोड़ने का फैसला हुआ। वहीं अल्लामा इकबाल और सर सैय्यद अहमद खान के नाम पर बोर्ड के किसी सदस्य ने आपत्ति नहीं की, इसलिए इन्हें सिलेबस में शामिल रखा जाएगा।

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पॉलिटिकल साइंस के विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य सिलेबस की समीक्षा और उसमें जरूरी बदलाव करना था। इस दौरान अलग-अलग मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई और कई मामलों में मतभेद भी सामने आए। बैठक में शामिल एक सदस्य के अनुसार इसमें विभागाध्यक्ष ने कहा कि राजनीति विज्ञान में हर तरह के विचारों को पढ़ाना जरूरी होता है। किसी भी विषय को सही तरीके से समझने के लिए उसके सभी पहलुओं को जानना जरूरी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे रामायण को समझने के लिए राम और रावण दोनों को जानना जरूरी है, वैसे ही राजनीति विज्ञान को एक पक्षीय तरीके से नहीं पढ़ाया जा सकता। आजादी के आंदोलन को पढ़ते समय पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के साथ अन्य विचारों को भी समझना जरूरी है। पॉलिटिकल साइंस को साहित्य की तरह नहीं पढ़ा सकते।
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इसपर बैठक में मौजूद कुछ सदस्यों ने मोहम्मद अली जिन्ना को सिलेबस में बनाए रखने पर कड़ी आपत्ति जताई। कुछ सदस्यों ने जिन्ना को अल्पसंख्यकों के नेता के रूप में पढ़ाने पर कड़ी आपत्ति जताई। इस मुद्दे पर काफी देर चली चर्चा के बाद अंत में सहमति बनी कि जिन्ना से जुड़े टॉपिक्स सिलेबस से हटा दिए जाएं। इसके बाद समिति ने फैसला लिया कि सिलेबस में भगत सिंह को शामिल किए जाए।

आजाद भारत कैसा होगा, इस नजरिए से भगत सिंह को शामिल किया जाए। वहीं अल्लामा इकबाल और सर सैय्यद अहमद खान के नाम पर किसी भी सदस्य ने आपत्ति नहीं की, इसलिए इन दोनों को सिलेबस में शामिल रखने का फैसला लिया गया। बैठक में लिए गए फैसलों को अंतिम मंजूरी के लिए कुलपति को भेज दिया गया है।

विभाग ने की थी जिन्ना, इकबाल और सर सैय्यद को हटाने की सिफारिश
इससे पहले रविवार को हुई पॉलिटिकल साइंस विभाग की डिपार्टमेंटल अफेयर्स कमेटी (डीएसी) की बैठक में सिलेबस से कुछ विषयों को हटाए जाने पर एकमत से सहमति बनी थी। कमेटी ने जिन्ना, इकबाल और सर सैय्यद अहमद खान से जुड़े टॉपिक्स हटाए जाने की सिफारिश की थी। मंगलवार को हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इसी प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।

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