जम्मू। हाईकोर्ट की न्यायाधीश मोक्षा खजूरिया काजमी ने अवैध निर्माण और बिना उचित अनुमति के नर्सिंग होम के संचालन के संबंध में कई अधिकारियों और प्रतिवादियों से विस्तृत विवरण मांगा है।
खजूरिया काजमी ने यह आदेश भवन संचालन नियंत्रण अधिनियम, 1988 की धारा 8(1) के तहत उठाई गई आपत्तियों से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए पारित किया है। न्यायालय ने प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वे निजी प्रतिवादी या उसके पिता को दी गई भवन निर्माण की अनुमति का प्रमाण प्रस्तुत करें।
आधिकारिक प्रतिवादियों को एक हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया गया है जिसमें निजी प्रतिवादियों द्वारा अपने नर्सिंग होम के संचालन में किए गए किसी भी उल्लंघन के आदेश को बहाल किया गया हो। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि नगर पालिका ने अपनी आपत्तियों में पूर्व के मुकदमे में सिविल न्यायालयों द्वारा पारित यथास्थिति आदेशों के कारण उक्त अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू करने से परहेज किया था, लेकिन ऐसे स्थगन आदेश अब निरस्त हो चुके हैं और अब लागू नहीं हैं।
प्रतिवादियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता को नैदानिक प्रतिष्ठान (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत दी गई अनुमति की स्थिति को संबोधित करने वाला एक अतिरिक्त हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जेएनएफ