सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में शुरू होगी सुविधा, परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद ने लाइसेंस के लिए स्वीकृति दी
सरकारी स्तर पर संभाग के दस जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। होली के बाद सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में मरीजों को कैथ लैब की सुविधा मिलेगी। लंबे इंतजार के बाद कैथ लैब चलाने के लिए भारत सरकार, परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद विकिरण अनुप्रयोग संरक्षा प्रभाव की ओर से लाइसेंस की स्वीकृति दी गई है। इसके शुरू होने से जम्मू संभाग के दस जिलों के हृदय रोगियों को सरकारी स्तर पर चिकित्सा लाभ मिलेगा।
वर्तमान में सरकारी स्तर पर कोई कैथ लैब न होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू में नई अत्याधुनिक कैथ लैब को स्थापित किया गया है। मौजूदा कैथलेब न होने से जीएमसी में रोजाना 5-6 हृदय रोगियों को सर्जरी के लिए एस्काम, अस्पताल बत्रा में भेजा जा रहा है। जीवनशैली में बदलाव व अन्य कारणों से गैर संचारी रोगों में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संभाग के चार नए मेडिकल कालेजों में जीएमसी राजोरी, उधमपुर, कठुआ और डोडा में कैथ लैब नहीं है।
रोजाना 20 से 22 सर्जरी होंगी
कैथ लैब के शुरू होने से रोजाना 20 से 22 छोटी बड़ी हृदय सर्जरी की जाएंगी। इसमें पेस मेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टंट, बीएमवी आदि प्रक्रियाएं होंगी। आपात केंद्रों में हार्ट अटैक और दूसरे गंभीर हृदय मामलों में मरीज को तत्काल सर्जरी की जरूरत होती है। इसमें कैथ लैब महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जम्मू कश्मीर में हर साल कार्डियो वैस्कुलर के मामलों में वृद्धि हो रही है।
होली के बाद कैथ लैब को शुरू करने की योजना है। इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम आ रही है, जिसकी देखरेख में सर्जरी शुरू की जाएगी। कैथ लैब से संभाग स्तर के मरीजों को लाभ मिलेगा।
- डा. आशुतोष गुप्ता, प्रिंसिपल, जीएमसी जम्मू