कला केंद्र में दो दिवसीय फिलेटली प्रदर्शनी का आगाज
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कला केंद्र में बुधवार को दो दिवसीय फिलेटली प्रदर्शनी का आगाज हुआ, जिसमें शहरवासियों को डाक टिकटों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का माैका मिला है।
प्रदर्शनी में भारत और अन्य देशों में जारी किए गए पांच हजार से अधिक दुर्लभ और विविध डाक टिकट प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें से कुछ डाक टिकट औपनिवेशिक काल के हैं। इसके अलावा, भारतीय डाक विभाग ने प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर के संबंध में जारी किए गए 30 से अधिक डाक टिकट भी प्रदर्शित किए हैं।
संस्कृति एवं स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सुरेश गुप्ता ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति बच्चों को तनाव से बचने के लिए सीखने की कला को प्रोत्साहित करती है। इस माैके पर उन्होंने जीजीएम साइंस कॉलेज पर विशेष कवर भी जारी किया।
निदेशक डाक सेवाएं प्रतीक ने कहा कि भारतीय डाक समय-समय पर डाक टिकट, घटनाओं, स्मारकों और विख्यात हस्तियों से संबंधित विशेष कवर जारी करता है, जो इतिहास को संरक्षित करने में अपनी भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश गुप्ता, प्रसिद्ध डाक टिकट संग्रहकर्ता मधुकर झिंगन ने भी अपने विचार रखे। पहले दिन के कार्यक्रम में छात्रों के लिए डाक टिकट डिजाइनिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जीजीएम साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर रमेश गुप्ता मुख्य अतिथि थे, जबकि देश के प्रसिद्ध फिलेटेलिस्ट मधुकर विशेष अतिथि थे।