परेड ग्राउंड पर विशाल स्टेज पर पंजाबी गायक जस्सी के गाने ‘दिल ले गई कुड़ी पंजाब दी’ पर झूमता हजारों दर्शकों का सैलाब, जम्मू विश्वविद्यालय के बिग्रेडियर राजिंदर सिंह सभागार में बडाली ब्रदर्स की कव्वालियों पर बजती तालियों की गूंज, गुलशन ग्राउंड में सोनू निगम के ‘बिजुरिया बिजुरिया’ पर मचता शोर... यह तमाम 2008 में आयोजित हुए एकमात्र जम्मू फेस्टिवल का हिस्सा था।
इसके बाद ऐसे फेस्टिवल को मानों किसी की नजर लग गई। फिर ऐसा आयोजन नहीं हुआ, लेकिन छह साल के बाद फिर से जम्मू वासियों को कुछ ऐसे ही फेस्टिवल का लुत्फ उठाने को मिलेगा।
पर्यटन विभाग ने जम्मू फेस्टिवल को खास बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अक्तूबर और नवंबर के बीच जम्मू फेस्टिवल का आयोजन करने की तैयारी है, जिसमें 2008 जैसे रंग शामिल करने की कोशिश की जा रही है।
संभव है कि इस फेस्टिवल में कुछ पंजाबी पॉप गायकों, फिल्मी हस्तियों के कार्यक्रम आयोजित हों। पर्यटन विभाग के सचिव फारूक शाह ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में इसकी जानकारी दी है। शाह ने कहा कि कोशिश है कि इस बार का जम्मू फेस्टिवल खास होगा।
कुछ वैसा ही जैसा 2008 में हुआ था। इसके लिए जम्मू संभाग के पर्यटन निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह इस फेस्टिवल को लेकर जानकारियां जुटाएंगे और बताएंगे कि किन कार्यक्रमों की संभावनाएं हैं। जम्मू में स्थानीय पर्यटन को बड़े पैमाने पर लाने की दिशा में इस फेस्टिवल को लाया जा रहा है।