अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सीएम उमर अब्दुल्ला सात मार्च को जम्मू-कश्मीर का बजट पेश करेंगे।
प्रदेश के किसान और बागवान चाहते हैं कि बजट में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विशेष रूप से प्रावधान किया जाए।
साथ ही बाहरी फसलों से उत्पादकों को होने वाली क्षति से बचाया जाए।
प्रदेश में सिंचाई सुविधा न होना भी किसानों के लिए चुनौती है।
बजट में सिंचाई सुविधा के लिए प्रावधान होना चाहिए और किसानों को राहत मिलनी चाहिए। प्रदेश के कंडी इलाकों में किसान आज भी खेती के लिए बारिश होने का इंतजार करता है। समय पर बारिश न होने से किसानों को भारी नुकसान होता है।
समग्र कृषि विभाग योजना में बदलाव की जरूरत है। इसमें छोटे किसानों को लिया जाए। बड़े किसान सीधा विभाग की योजनाओं से जुड़े।