लोकसभा चुनाव के बाद सभी चुनाव कराने पर चल रहा मंथन, सभी चुनाव संपन्न होने के बाद विधानसभा चुनाव कराने पर चल रहा विचार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव को टालने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में कोई भी चुनाव लोकसभा चुनाव के बाद ही हो। ऐसा सुरक्षा कारणों के मद्देनजर किया जा रहा है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार राज्य प्रशासन के साथ इस विषय पर लगातार मंथन कर रहा है। केंद्र का मत है कि स्थानीय निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव तक टाल दिया जाना चाहिए। उसका मानना है कि निकाय चुनाव के लिए लोकसभा चुनाव से अधिक सुरक्षा इंतजाम करने होंगे क्योंकि यह जमीनी स्तर का चुनाव है। इसमें घर-घर तक पहुंच होती है। इस वजह से अधिक सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को चुनाव टालने की संस्तुति भेजी है। इसमें यह भी कहा गया है कि आतंकियों की ओर से सुरक्षा बलों तथा आम नागरिकों पर हमले की घटनाएं बढ़ सकती हैं ताकि लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया से दूर रहें। राजोरी, कोकरनाग तथा श्रीनगर में हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को निकाय चुनाव टालने का आग्रह किया है। सूत्रों ने बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद चरणबद्ध तरीके से सभी चुनाव होंगे। सबसे पहले स्थानीय निकाय, फिर पंचायत, बीडीसी तथा डीडीसी के चुनाव होंगे। विधानसभा चुनाव सबसे अंत में सभी चुनावों के सकुशल संपन्न होने के बाद होंगे।
बीडीसी-डीडीसी अध्यक्ष व मेयर चुनाव सीधे कराने का प्रस्ताव
सूत्रों ने बताया कि अन्य राज्यों की तर्ज पर बीडीसी तथा डीडीसी अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। यानी जनता सीधे इन पदों के लिए वोट डालेगी। यही प्रक्रिया जम्मू व श्रीनगर नगर निगम के मेयर पद के लिए भी अपनाई जाएगी।