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Jammu News: कॉपी-किताब ही नहीं, महंगी स्टेशनरी भी तोड़ रही अभिभावकों की कमर

Tue, 08 Apr 2025 02:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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पिछले साल की तुलना में इस बार स्टेशनरी के दाम में 15 से 20 फीसदी इजाफा
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जहां बच्चे और अभिभावक तैयारियों में जुटे गए हैं। लेकिन, इस बार भी काॅपी और किताबें महंगी मिल रही हैं। साथ ही स्टेशनरी के बढ़े हुए दाम अभिभावकों की कमर तोड़ रहे हैं।
पिछले साल की तुलना में इस बार स्टेशनरी के दाम में 15 से 20 फीसदी इजाफा हुआ है। अधिकांश निजी स्कूलों की ओर से पहले ही चिह्नित पुस्तक विक्रेताओं की सूची अभिभावकों को थमा दी जाती है। इससे अभिभावक स्वयं को छला सा महसूस कर रहे हैं।
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पक्का डंगा स्थित कारोबारी सार्थक जैन ने बताया कि स्टेशनरी का सामान पीछे से ही महंगा आ रहा है। इसलिए मुझे मजबूरन महंगा बेचना पड़ता है। इस वर्ष स्टेशनरी के दामों में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
बैग कारोबारी बब्लू महाजन ने बताया कि अधिकतर निजी स्कूल किताब कारोबारियों से तालमेल करके लोगो लगाकर कारोबार कर रहे हैं। यही बैग हमारी दुकान पर 100 से 400 रुपए में उपलब्ध हैं। इसे निजी स्कूलों में दोगुने दामों पर बेचा जा रहा है।

स्टेशनरी दाम (पिछले साल) अब
नोट बुक 40 रुपये 60-200 रुपये
स्कैच पेन 60 रुपये 90 रुपये
पेंसिल 40-100 रुपये 60-120 रुपये
ज्योमेट्री बाक्स 50-150 रुपये 75-170 रुपये
रबर 1-5 रुपये 3-10 रुपये
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क्या बोले अभिभावक..
इस बार कॉपी-किताबों के साथ ही स्टेशनरी के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। यह सब जानने के बाद भी स्कूलों की फीस, कोर्स और स्टेशनरी आदि के दामों पर नियंत्रित करने के लिए अधिकारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
-सचिन शर्मा, अभिभावक, जैन बाजार

पिछली साल की अपेक्षा इस बार कॉपी-किताबें 80 फीसदी महंगी हुई हैं। स्टेशनरी के सामान में भी 15 से 20 फीसदी का बढ़ोतरी हुई है। इसे रोकने के लिए सरकार कोई ठोस पहल करनी चाहिए।
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-चैन सिंह, अभिभावक, जम्मू
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निजी स्कूलों की और से फीस, ड्रेस, कॉपी-किताब व स्टेशनरी के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। इससे एक बच्चे का सालाना खर्च 40 से 50 हजार पड़ता है। यह निम्न वर्ग के लिए चुनौती है। इस पर रोक लगाई जानी चाहिए।
-विनोद कुमार प्रेमनगर जम्मू
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