हिंदी के महत्व पर विचार रखते प्रोफेसर
जम्मू विश्वविद्यालय में हिंदी निदेशालय की ओर से हुआ विशेष सत्र
- हिंदी भाषा, चुनौतियां और समाधान पर रखे विचार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हिंदी भाषा को मात्र शिक्षा तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसमें रोजगार को तलाशना चाहिए। यह अपील हिंदी निदेशालय की अध्यक्ष प्रो. सुचेता पठानिया ने जम्मू विश्वविद्यालय में हिंदी निदेशालय की ओर से हुए विशेष सत्र में की।
इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। व्यक्तिगत व बहुमूल्य सुझावों से हिंदी की प्रासंगिकता पर विचार साझा किए। हिंदी विभाग जम्मू विश्वविद्यालय के सह आचार्य डॉ. पुरुषोत्तम कुमार ने हिंदी भाषा को रोजगार से जोड़ने की बात कही।
सहायक आचार्य डॉ. वंदना शर्मा ने हिंदी से जुड़े विभिन्न पक्षों पर बात करते हुए इस विषय को गंभीरता से लेने की बात की। क्लस्टर विश्वविद्यालय से डॉ. बिंदु चिब और डॉ. ज्योति रानी ने हिंदी के प्रति संकीर्ण मानसिकता को परिवर्तित करने पर विचार रखे।
कार्यक्रम में डॉ. जसपाल सिंह, डाॅ. जितेंद्र सिंह, डॉ. राजवीर सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शोधार्थी मौजूद रहे।