केंद्रीय विवि में आयोजित संगोष्ठी के दौरान वक्ता व अन्य फोटो विवि
जम्मू। केंद्रीय विश्वविद्यालय जम्मू में वीरवार को ऋषि अगस्त्य: मंत्र दृष्टा पर एक संगोष्ठी हुई। इसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान प्रणालियों में ऋषि अगस्त्य के शैक्षिणक योगदान पर प्रकाश डाला गया, जो आधुनिक समय में भी प्रासंगिक हैं। सेमिनार काशी तमिल संगमम के बैनर तले आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण और आधुनिक विज्ञान व प्राचीन भारतीय ज्ञान के बीच सेतु का निर्माण करना था। प्रसिद्ध वैज्ञानिक और शिक्षाविद् प्रोफेसर मनोज कुमार पटैरिया ने कहा कि ऋषि अगस्त्य का भारतीय ज्ञान परंपराओं पर गहरा प्रभाव है। उन्होंने भाषा विज्ञान, वैदिक शास्त्रों, सिद्ध चिकित्सा और प्राचीन विज्ञान में अग्रणी योगदान दिया है। ब्यूरो