संचालक मनमाने ढंग से वसूल रहे प्रति दाखिला छह हजार से 10 हजार रुपये फीस
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही अभिभावकों का बोझ बढ़ गया है। वहीं, निजी स्कूलों की मनमानी जारी है। निजी स्कूलों की ओर से वसूली जा रही दाखिला फीस से अभिभावक लाचार हैं। उन्होंने प्रशासन पर निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने में फेल होने का आरोप लगाया है।
अभिभावकों का कहना है कि इस बार 40 फीसदी से अधिक (प्रति दाखिला छह हजार से 10 हजार रुपये तक) दाखिला फीस वसूली जा रही है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले साल 2000 या 3500 तक होने वाली दखिला फीस ली गई थी, जबकि इस बार छह हजार से 10 हजार तक ली जा रही है। दखिला फीस के अलावा ट्यूशन फीस भी ली जा रही है। इससे अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। कुछ अभिभावक कम होने व सरकारी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।
स्कूलों द्वारा अपनी वेबसाइट पर फीस के लिस्ट जारी की है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अभिभाव बोले- बाज नहीं आ रहे निजी स्कूल संचालक
शहर के निजी शैक्षणिक संस्थान शिक्षा का व्यापारीकरण कर रहे हैं। मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों की जेब पर ढाका डाला जा रहा है। अलग-अलग तरीके से अतिरिक्त खर्च का बोझ डाला जा रहा है। सरकार से अपील है इसके विरुद्ध कोई कार्रवाई की जाए।
-श्याम लाल, अभिभावक, कैनाल रोड (जम्मू)
रेहड़ी लगाकर थोड़ा बहुत कमा लेता हूं। निजी स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं। कक्षा एक के लिए पांच हजार रुपये दाखिला फीस ली है। अतिरिक्त खर्च भी अभिभावकों बताए जा रहे हैं, जोकि चिंताजनक है। अगर सरकारी संस्थानों में सुधार किया जाए तो अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को वहीं पढ़ाएंगे।
-विक्रम कुमार, अभिभावक, कृष्णा नगर (जम्मू)
अभिभावकों से दाखिला फीस के अलावा ट्यूशन फीस सहित अन्य चार्जेस लिए जा रहे हैं। इस कारण दाखिला फीस 35 सौ से बढ़कर छह हजार रुपये हो गई है। इससे मध्यम वर्ग के लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। वहीं, घरेलू खर्च भी प्रभावित हो रहा है। सरकार से अपील है कि ठोस कदम उठाया जाए।
-प्रीतम सिंह, अभिभावक, बेलीचराना (जम्मू)