Super Specialty Hospital Jammu
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जम्मू सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नेफरोलाजी विभाग में बुधवार को एक माह बाद नए आरओ प्लांट लगाने के साथ डायलिसिस सेवा को बहाल किया गया। इससे मरीजों को राहत मिली है। देर शाम तक 13 मरीजों के डायलिसिस किए जा चुके थे और वीरवार से तीन शिफ्टों में डायलिसिस होंगे। आगामी बरसात में सर्पदंश के मामले बढ़ने पर मरीजों को डायलिसिस सेवा से राहत मिलेगी।
विभाग में 1000 लीटर की क्षमता वाला नया आरओ प्लांट स्थापित किया गया है। इस पर लगभग सभी मशीनें चलाने का दावा किया जा रहा है। विभाग का आरओ प्लांट खराब होने से मरीजों को निजी क्लीनिकों या दूसरे एसोसिएटेड अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा था। विभाग में संभाग स्तर पर सबसे अधिक 18 मशीनें स्थापित हैं। इसमें रोजाना तीन शिफ्ट में 35 से 40 मरीजों के डायलिसिस किए जाते हैं। बताया जा रहा है कि आरओ प्लांट का सही रखरखाव न होने और मशीनों के अधिक लोड से आरओ प्लांट ने जवाब दिया था।
एसोसिएटेड अस्पतालों में डायलिसिस सेवा का विस्तार नहीं, गिनी-चुनी मशीनें : सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नेफरोलाजी विभाग को छोड़कर अन्य एसोसिएटेड अस्पतालों में डायलिसिस सेवा का विस्तार नहीं हो पाया है। इसे वैकल्पिक तौर पर व्यापक स्तर पर कोई भी अस्पताल अधिक मरीजों का लोड झेलने में सक्षम नहीं है।
जीएमसी जम्मू और एसएमजीएस अस्पताल में दो-दो डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डायलिसिस सेवा बंद होने से एक माह तक मरीजों को परेशान होना पड़ा। जीएमसी और एसएमजीएस अस्पताल पर पहले से ही अपने मरीजों का लोड रहता है, जिससे यहां भी सुपर स्पेशियलिटी के मरीजों को अधिक राहत नहीं मिल पाई। स्वास्थ्य विभाग के गांधीनगर अस्पताल में 6 डायलिसिस मशीनें स्थापित हैं, लेकिन मरीजों के लोड को देखते हुए वे भी कम रहती हैं।
अगर एसोसिएटेड अस्पतालों में डायलिसिस मशीनों को बढ़ा दिया जाता है तो प्रमुख नेफरोलाजी विभाग में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को वहां आसानी से एडजेस्ट किया जा सकता है।
नए आरओ प्लांट को शुरू करने के साथ डायलिसिस सेवा को बहाल कर दिया है। आगामी दिनों में सारी व्यवस्था सामान्य हो जाएगी। इससे अब मरीजों को दूसरे अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
- डॉ. मनोज चलोत्रा, चिकित्सा अधीक्षक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल।