संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। राजोरी के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं एसोसिएटेड अस्पताल में शनिवार को केक काटकर राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस धूपधाम से मनाया गया। इस दौरान प्रिंसिपल जीएमसी राजोरी डॉ. एएस भाटिया ने कहा कि डॉक्टर सच्चे नायक हैं जो अपना पूरा जीवन जरूरतमंद रोगियों की मदद के लिए समर्पित करते हैं। हम उनके साहस को सलाम करते हैं और हम आशा करते हैं कि वे करुणा के साथ रोगी की सेवा करते रहेंगे।
आगे उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मानव समुदाय में चिकित्सकों के योगदान को मान्यता देने के लिए मनाया जाने वाला दिन है। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महमूद अहमद ने कहा कि भारत में महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय को सम्मानित करने के लिए पूरे भारत में 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई, 1882 को हुआ था और इसी तारीख को 1962 में 80 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। समाज के प्रति डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों के योगदान को मान्यता देने के लिए भारत में हर साल एक जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों के महत्व, उनकी निस्वार्थ सेवा और व्यक्तियों और समुदायों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने में उनकी बहुमूल्य भूमिका के बारे में जागरूकता पैदा करना भी है। डॉ. जावेद ने बताया कि राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के लिए इस वर्ष की थीम लचीलेपन और उपचार वाले हाथों का जश्न है। इस वर्ष की थीम के माध्यम से हम उन चिकित्सा पेशेवरों का जश्न मनाना चाहते हैं जिन्होंने महामारी के कारण आए कठिन समय के दौरान कड़ी मेहनत की।