संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिला के सीमावर्ती गावों में इन दिनों एक एनजीओ के सदस्य ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर लूट रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति से सौ रुपये वसूल रहे हैं। न तो जिला प्रशासन की अनुमति है, न ही कृषि विभाग से, ऐसे में स्थानीय पंच व सरपंंच ग्रामीणों को कार्ड बनाने को कह रहे हैं।
स्थानीय निवासी कुलदीप कुमार, सुरिन्द्र कुमार, संजे कुमार, राजेन्द्र आदि ने बताया कि एक एनजीओ के सदस्य गावों में पहुंचते हैं। स्थानीय पंच व सरपंच से संपर्क साध कर ग्रामीणों को यह प्रलोभन देते हैं कि इस कार्ड से आप को खाद, बीज व अन्य योजनाओं में छूट मिलेगी। ग्रामीणों को किसान सभा नाम का कार्ड बना कर दे रहे है, प्रत्येक कार्ड के एक सौ रुपये वसूला जा रहा है। यही नहीं कई ग्रामीणों के परिवार के सभी सदस्यों के कार्ड बनाए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में भोले-भाले ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगा जा रहा है। एनजीओ के अधिकारी कृषि विभाग के कार्यालय भी गए वहां पर उन्होंने उपायुक्त के साथ एक बैठक का हवाला भी दिया, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना था कि जब तक उनके उच्च अधिकारी उन्हें लिखित में देंगे तब जा कर वह ग्रामीणों को कहेंगे। कृषि विभाग के एक अधिकारी के अनुसार उन्हें जब पता चला तो उन्होंने अपने कर्मियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेज कर पंच व सरपंचों को बताया कि कृषि विभाग की ओर से ऐसा कोई कार्ड नहीं बनाया जा रहा है। वहीं बता दें कि कार्ड पर लिखा है कि इसकी कोई कीमत नहीं है फिर भी रुपये लिए जा रहे हैं। जिले के सीमावर्ती गांव मावा में ब्लॉक दिवस पर कुछ लोगों ने इस की शिकायत की थी, जिस पर प्रशासन ने लोगों को ऐसे लोगों से सचेत रहने को कहा था।
इस बारे में जानकारी नहीं है फिर भी यदि कोई एनजीओ बिना प्रशासन की अनुमति से ग्रामीणों से धन एकत्रित कर रही है तो उनके खिलाफ मामला दायर करवाया जाएगा।- राजेन्द्र सिंह, एडीडीसी, जिला सांबा।