संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। जिले में वीरवार को निचले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश एवं ओलावृष्टि हुई। जबकि पीरपांचाल के पहाड़ों की चोटियों के साथ मुगलरोड पर हल्की बर्फबारी और भारी ओलावृष्टि हुई। इससे मुगलरोड पर कई किलो मीटर तक ओलों की छह इंच मोटी सफेद चादर बिछ गई। इससे मार्ग पर जारी बर्फ हटाने का अभियान भी प्रभावित हो कर रह गया। उधर एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल कर गर्मी में सर्दी का एहसास कराने लगा।बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आ गई है। इस बेमौसम बरसात और बर्फबारी से जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्र सावजियां, लोरन, पोशाना, डोगरेयां, मड़ा, कुलाली, जंदरोला आदि क्षेत्रों के किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
इन क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि हमारा यह समय मक्की की बुआई करने का है समय है। गेहूं की फसल पहले ही तबाह हो गई थी। अब हमें मक्की की फसल के नुकसान का डर सताने लगा है। क्योंकि अभी हमने मक्की की बुआई के लिए जमीन जोती ही थी कि बार बार बारिश हो रही है जिससे हमें बुआई का मौका ही नहीं मिल पा रहा है। जिन लोगों ने मक्की की बुआई कर रखी है उनका बीज इस बारिश से मिटटी के नीचे दब कर ही समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि वीरवार दोपहर को जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश एंव ओलावृष्टि होने लगी थी। इस बीच मुगलरोड के साथ ही पीरपांचाल के पहाड़ों की चोटियों पर हल्की बर्फबारी और भारी ओलावृष्टि भी होने लगी जोकि घंटों तक जारी रही। इस दौरान मुगलरोड से बर्फ हटाने के अभियान में लगे पीडब्लयूडी मैकैनिकल विंग के जूनियर इंजीनियर ताहिर न्याज, इंजीनियर मोहम्मद तारिक खान ने बताया कि बुधवार की ही तरह वीरवार को भी दोपहर से ही मुगलरोड पर बर्फबारी हुई है। जिससे मार्ग पर ओलों की मोटी परत बिछ गई थी, जिससे बर्फ हटाने का अभियान भी प्रभावित हुआ है।