अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हिंदी साहित्य मंडल की ओर से विराज कला केंद्र में प्रसिद्ध संस्कृति कर्मी व कवि मनोज शर्मा की स्मृति मेंं बहुभाषी कहानी गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें कवियों, साहित्यकारों ने दिवंगत कवि के जीवन पर प्रकाश डाला और श्रद्धांजलि अर्पित की।
गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात हिंदी साहित्यकार प्रोफेसर राजकुमार ने कहा कि मनोज शर्मा ने लंबे समय तक बैंक में सेवाएं दी हैं। उनका साहित्य के प्रति अनुराग उल्लेखनीय रहा। 29 अप्रैल को जालंधर में उनका निधन हुआ।
उनकी कविताओं मेंं सभी भाषाओंं की बानगी दिखाई देती है। गोष्ठी में एक शोक प्रस्ताव पारित किया गया। मंडल की अध्यक्ष डाॅ. चंचल डोगरा ने दिवंगत कवि की स्मृतियों को याद कर उनके साहित्यिक यात्रा की चर्चा की।
उधर, साहित्यकारों ने दिवंगत कवि व पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि अर्पित। इस मौके पर साहित्यकार खालिद हुसैन, प्रोफेसर किरण बख्शी, कृष्ण संतोषी, बलजीत रैना, संतोष सांगरा, रजनीश गुप्ता, उपाध्यक्ष संजीव भसीन, मंटो दत्ता, चंद्रमोहन शर्मा, श्याम जुनेजा, नसीब सिंह मन्हा, मंजीत सिंह, शेख मोहम्मद कल्याण आदि मौजूद रहे।