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Jammu News: हर दिन करते हैं हम इजहार-ए-मोहब्बत

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वैलेंटाइन वीक में आज प्रपोज डे : इस खास दिन की यादों को साझा कर दंपत्ती ने किया एक-दूसरे से प्यार का इजहार
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। उनसे नजरें क्या मिलीं रोशन फिजाएं हो गईं, आज जाना प्यार की जादूगरी क्या चीज है...। निदा फाजली की ये लाइन उन प्यार करने वालों के नाम, जो खुद अपने कॉलेज के दिनों में जगजीत सिंह की आवाज में घंटों ये सुना करते थे।
कुछ उम्र का तकाजा और बाकी प्यार का असर। वैलेंटाइन वीक के पहले दिन एक-दूसरे को गुलाब देकर रोज डे विश करने वाले कुछ दंपत्ती से हमने उनके प्रपोज डे के बारे में जाना। उन्होंने साझा कीं अपनी मुलाकात से लेकर लव मैरिज को अरेंज मैरिज में बदलने की कहानियां।
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15 दिन का प्यार, दो दिन में प्रपोज किया
प्रोफेसर (डाॅ.) भाव कुमार सिन्हा और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की मुख्य वैज्ञानिक (जम्मू) डाॅ. रीना ने बताया कि वैलेंटाइन वीक को हम भी मनाते हैं और आज भी इस पर भरोसा करते हैं। अपने प्यार के किस्से के बारे में डॉ. भाव कुमार सिन्हा ने ने बताया कि हमारी शादी वर्ष 2005 में हुई थी। यह लव कम अरेंज मैरिज थी। एक बिहार के तो दूसरा झारखंड निवासी हैं। वो वक्त याद है, जब हम पीएचडी करने साथ-साथ पहुंचे थे। वहां पर मुलाकात हुई। चूंकि उम्र के उस पड़ाव पर थे, जहां परिपक्वता थी, समझ थी। 15-20 दिन ही हुए थे हमें मिले हुए। इस बीच में लगा कि हम लोग एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। पहल मेरी तरफ से हुई और मैंने प्रपोज कर दिया। उन्हें दो दिन लगे, मेरे प्रस्ताव को स्वीकार करने में। हम दोनों का ही मानना है कि प्रेम एक लड़का या लड़की में ही नहीं बल्कि किसी से भी, किसी भी चीज से हो सकता है। किसी को किताब से, किसी को काम से होता है। हां, यदि प्यार जीवन में है तो संघर्ष का रास्ता आसान हो जाता है।

हर दिन अभिव्यक्त करते हैं अपनी भावनाओं को
हम मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। हमारी प्रेम कहानी शादी से बहुत पहले शुरू हो गई थी। यह कहना है जानकी का। कहती हैं कि शादी 2015 में हुई थी और हम एक-दूसरे को पहले से जानते थे। प्यार करने से पहले एक-दूसरे को समझा, शादी से पहले दोनों परिवारों की अपेक्षाओं को समझा। उसके बाद एक-दूसरे को प्रपोज किया। हम सातों दिन को सेलीब्रेट करते हैं। रोज डे पर एक-दूसरे को फूल देकर विश किया है। जानकी के मुताबिक, जिंदगी छोटी है, व्यस्तताएं बहुत हैं। इसी में वक्त निकालकर एक दूसरे को विश करते रहते हैं।
- जानकी आर्टिस्ट, बाकुकाना सरकारी नौकरी

पांच साल पहले एक दूसरे से जताई थी शादी की इच्छा
रवि कहते हैं कि 14 फरवरी को पुलवामा अटैक हुआ था, जिस कारण हम इस दिन का जश्न नहीं मनाते हैं। पर उससे पहले के छह दिन सेलिब्रेट जरूर करते हैं। हम मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। पांच साल पहले 2020 में हमारी शादी हुई थी। नौकरी के कारण इस दिन हम कभी साथ नहीं रहे। इस बार पहला मौका है कि हम लोग साथ हैं, इसलिए तय किया है कि बहुत अच्छे से मनाएंगे और हर दिन एक दूसरे के लिए कुछ अलग करने की कोशिश करेंगे। अंशु कहती हैं कि हम लोग मिले और कब एक दूसरे के सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया हमें पता ही नहीं चला। प्यार शायद इसी को कहते हैं, कब हो जाता है, कुछ पता नहीं चलता है।
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-अंशु सिंह होम मेकर, रवि रंजन सिंह सरकारी नौकरी

10 दिन का परिचय, 11वें दिन कह दी दिल की बात
मुठी निवासी रिंकू चौहान कहते हैं कि हमारा परिचय महज 10 दिन का था और 11वें दिन दोनों ने ही एक-दूसरे से मन की बात कह दी। हम दोनों तो तैयार थे, पर अंतरजातीय विवाह के लिए परिवार के लोगों को राजी करने की चुनौती थी। हमने उन्हें समय दिया, अपने प्यार का भरोसा दिलाया और अंतत: वे राजी हो गए। हमारे लिए हर वो दिन प्रपोज डे है, जब हम एक दूसरे से अपने मन की बात कहते हैं, एक दूसरे को समझते हैं।
-रिंकू चौहान सर्राफा कारोबारी, अंजलि होममेकर
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