दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में बाबा कैलख देव मंदिर ठठर बनतालाब में हुआ सत्संग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिना गुरु के भगवान की प्राप्ति संभव नहीं है। गुरु ही व्यक्ति को सच्ची भक्ति व प्रभु की कृपा पाने के रास्ते के बारे में बताता है।इसलिए, गुरु को धारण करें और उनके बतााए गए रास्ते का अनुसरण करें। यह बातें दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में बाबा कैलख देव मंदिर ठठर बनतालाब में आयोजित सत्संग में आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी चिन्मयानंद ने बताईं।
प्रभु भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देते हुए कहा कि शास्त्रों में गुरु सत्ता की महिमा को नेति नेति कहा गया है। ईश्वर दर्शन आध्यात्मिक पथ पर मनुष्य की आरंभिक अवस्था है। इसके लिए पूर्ण सतगुरु की कृपा नितांत आवश्यक है। ब्रह्म ज्ञान की दीक्षा के द्वारा एक पूर्ण सतगुरु अंतर जगत में ही प्रभु के दिव्य स्वरूप का दर्शन करवाता है।
ऐसी कसौटी के आधार पर ही गुरु का चयन करना चाहिए। श्रद्धा और विश्वास एक साधक के गहने हैं, जो उसे सुंदर आत्मिक स्वरूप प्रदान करते हैं। साधक का विश्वास चट्टान से भी मजबूत होता है।
गुरु वचनों को जीवन में धारण करते हुए सत्संग, सेवा, साधना, सुमिरन को प्राथमिकता देकर ही एक साधक श्रद्धा विश्वास को दृढ़ करता है और पूर्णता को भी प्राप्त करता है। सत्संग गुरु शिष्य के मध्य एक बाहरी संवाद और साधना एक आंतरिक संवाद है। सेवा का मार्ग अत्यंत कठिन परंतु सौभाग्यशाली व्यक्ति ही प्राप्त करता है।
इस मौके पर साध्वी पुण्या भारती, साध्वी हरविंदर भारती, साध्वी संदीप भारती, परा भारती और रेणु भारती ने भी प्रभु और गुरु भक्ति के भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। सत्संग में स्वामी सुचेतानंद, स्वामी महेश्वरानंद और स्वामी हरिदासानंद विशेष तौर पर मौजूद रहे।