बिल्लू मंदिर में रामलीला के चौथे दिन दो दृश्यों का हुआ मंचन, तालियों से बढ़ाया कलाकारों का हौसला
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बिल्लू मंदिर में रामलीला का मंचन जारी है। रविवार को चौथे दिन ताड़का बध और राम-सीता के मिलन के दृश्यों का मंचन किया गया। इसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया और तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया।
बिल्लू मंदिर में डोगरी भाषा में हो रही रामलीला देखने के लिए पुराने शहर सहित दूरदराज इलाकों से लोग पहुंचे। पहला दृश्य फुलबाड़ी का मंचित किया गया। इसमें राम श्रषि की पूजा के लिए फूल चुनने पहंचते हैं। यहां पर वह सीता देखते हैं। यह क्षण इतना भव्य था सभी दर्शक भावुक हो गया।
तालियां बजाने के साथ जय श्रीराम और जय सीता मैया के जयकारे लगाने लगे। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इसके अलावा दूसरा दृश्य ताड़का बध का मंचित किया गया। इसमें ऋषि अगस्त्य ने बताया कि श्राप के कारण ताड़का कुरूप हो गई है। इसे देखकर और अपने पति की मृत्यु का बदला लेने के लिए उसने अगस्त्य मुनि के आश्रम को नष्ट करने का संकल्प किया।
जंगल में पहुंचने पर ऋषि ने राम को ताड़का के बारे में बताया। उसके साथ भयंकर युद्ध हुआ। अंत में राम ने ताड़का का बध कर दिया।
आज होगा सीता स्वयंवर
आज सीता स्वयंवर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा मंथरा, कैकई और राम वनवास पर दृश्य दर्शाए जाएंगे।