शहर के महामाया, पक्का डंगा चंडी मंदिर, कोल कंडोली मंदिर में रही भक्तों की भीड़
- दिनभर चलते रहे लंगर, लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। दूसरे नवरात्र पर शहर के मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा रहा। मंदिरों में लोगों ने लंबी कतारों में खड़े होकर महामाई के दर्शन किए। बावे वाली माता मंदिर में सुबह चार बजे आरती के बाद मंदिर में माथा टेकने का क्रम शुरू हुआ जो रात नौ बजे तक चलता रहा।
सुबह साढ़े चार बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक मां के दर्शनों के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस और मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को क्रमवार दर्शन करवाए गए और प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम तक मंदिर में भजन संकीर्तन का दौर जारी रहा। नौ बजे मंदिर के कपाट बंद हुए। मंदिर में छह हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आए लोगों ने भी माता के दर्शन किए।
इसी तरह महामाया मंदिर पक्का डंगा और कोल कंडोली मंदिर नगरोटा के मंदिरों में भी माता के भक्तों की भीड़ लगी रही। बावे वाली माता मंदिर के महंत बिट्टा ने कहा कि श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन करवाए गए हैं। लंगर दिनभर चलता रहा। मंदिर परिसर में पूरा दिन श्रद्धालु महामाई के जयकारे लगते रहे। भक्तों ने मां को नारियल व चुनरी चढ़ाकर प्रसाद का भोग लगाया। नवरात्र के दूसरे दिन लोगों ने घरों में भी मां ब्रह्मचारिणी की विधिवत ढंग से पूजा अर्चना की। मां का आशीर्वाद पाने के लिए अधिकांश भक्तों ने व्रत भी रखा और यज्ञ का आयोजन किया। घरों में देर शाम को माता की आरती के साथ भजन संकीर्तन भी हुआ जिसमें मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया गया।
आज सुबह चार बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट
तीसरे नवरात्र पर वीरवार को बावे वाली माता मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाएंगे। लोग आरती में भाग लेने के उपरांत महामाई के दर्शन कर सकते हैं।