- बैसाखी पर तवी नदी पर महाआरती की शुरुआत, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सूर्य की पुत्री और शनि की बहन तवी की महाआरती करते 11 पुजारी, घंटे-घड़ियालों के बीच श्लोकों की स्वरलहरियां। हर-हर महादेव का जयघोष से उल्लासित श्रद्धालु। जम्मू में काशी और हरिद्वार जैसा नजारा देख जम्मूवासी भी प्रफुल्लित नजर आ रहे थे। महाआरती में जिस तरह सांस्कृतिक व आध्यात्मिक ऊर्जा का स्पंदन दिखाई दिया वह देखने वाला रहा।
भगवान श्रीगणेश की आरती ‘वक्रतुंड महाकाय’ के सामूहिक स्वर ने तवी नदी के कोने-कोने में आध्यात्मिक ऊर्जा फैला दी। भगवान श्रीरघुनाथ की मंगल आरती ‘ओम जय जगदीश हरे’ के स्वर गूंजे तो लगा कि तवी नदी आरती की धुन में हिलोरे मार रही हो। इसके बाद भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिव तांडव की प्रस्तुति दी गई।
स्मार्ट सिटी जम्मू, नगर निगम और श्री रघुनाथजी डेवलपमेंट काउंसिल की ओर से रविवार को बैसाखी पर तावी के रिवरफ्रंट पर पहली बार महाआरती की शुरुआत की गई। इसका शुभारंभ उपराज्यपाल मनाज सिन्हा ने किया। इससे पहले उन्होंने तवी नदी तट पर आयोजित बैसाखी मेले में लगाए गए स्टालों को भी देखा। पर्यटन विभाग के स्टाल के अलावा यहां पर खाने-पीने के कई स्टाल और बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए थे। इससे पहले शाम 4 बजे दंगल का भी आयोजन हुआ। जिसमें पहलवानों ने अपने दम-खम का प्रदर्शन किया।
महाआरती के दौरान सांसद जुगल किशोर शर्मा, खाद्य मंत्री सतीश शर्मा, मुख्य सचिव अटल डुल्लू, नगर आयुक्त व स्मार्ट सिटी जम्मू के सीईओ डॉ. देवांश यादव, डीसी सचिन वैश्य आदि अधिकारी मौजूद रहे।
महाआरती पुनर्जागरण का नया कालखंड
उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कहा कि लंबी प्रतीक्षा के बाद लोगों को महाआरती में शामिल होने का अवसर मिला है। जम्मू को मंदिरों का शहर कहा जाता है। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं है। 16 फरवरी को श्रीरघुनाथ मंदिर में आरती का आयोजन हुआ था। रविवार को तवी नदी तट पर आरती के बाद पुनर्जागरण का नया कालखंड शुरू हुआ है। श्री रघुनाथजी कॉरिडोर ऐसा उपहार दिया है जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह नदी में किसी प्रकार का कूड़ा,कचरा न डालें। साथ ही प्रशासन को भी निर्देश दिए कि वह सुनिश्चित करे कि इसमें गिरने वाले नाले बंद किए जाएं। तवी रिवरफ्रंट की सभी परियोजनाएं पूरी हो जाने के बाद, यह निवासियों और यात्रियों के लिए एक अनूठा अनुभव होगा। तवी जम्मू की आत्मा है और इसकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी है।
जम्मू को भविष्य के लिए तैयार करना है
उपराज्यपाल ने कहा कि विकास कार्यों के लिए सरकार हमेशा खड़ी रहेगी। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। जम्मू को सिर्फ स्मार्ट ही नहीं, बल्कि सुरक्षित, हरा भरा, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार करना है। आइए मिलकर काम करते रहें। आइए आगे बढ़ते रहें। क्योंकि आज हम जिस जम्मू का निर्माण कर रहे हैं, वह विरासत है जो हम आने वाली पीढ़ियों के लिए छोड़ेंगे।हमने पनामा चौक, बलिदान स्तंभ, जम्मू विश्वविद्यालय के पास रणबीर नहर के पार, बीएसएफ फ्लौरा से लेकर पवन आइसक्रीम तक पांच हेक्टेअर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया है। इसके साथ ही थ्रीडी भित्ति चित्र, दीवार पेटिंग, मूर्तियां हमारे शहर में रंग और जीवन जोड़ रही हैं।
सार्वजनिक परिवहन में बड़ी छलांग
उपराज्यपाल ने कहा कि हमने सार्वजनिक परिवहन ने भी बड़ी छलांग लगाई है। जम्मू प्रांत के प्रमुख शहरों के भीतर और उनके बीच 100 इलेक्ट्रिक एसी बसें चल रही हैं। ये बसें लाइव ट्रैकिंग, सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल भुगतान विकल्पों से लैस हैं। जिससे आवागमन सभी के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक हो गया है। हमारा एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र, इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यह सुनिश्चित कर रहा है कि शहर और सुरक्षित रह सके।