चुनाव के बाद स्थापित करने की तैयारी अपराध, नशा व मवेशी तस्करी रोकने के लिए नोडल अधिकारी तैनात
डाटा जुटाने के निर्देश, डीआईजी जम्मू ने मांगी आपराधिक वारदातों से संबंधित जानकारी
अजय मीनिया
जम्मू। शहर में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए के लिए पुलिस की ओर से विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत पांच नई पुलिस चौकियां खोलने की तैयारी है। चुनाव के बाद चौकियां स्थापित होने की संभावना है। इसमें शहर के बाहरी क्षेत्र रगूड़ा, बठिंडी, जानीपुर, बेलीचराना और एक अन्य जगह पर चौकियां स्थापित करने की योजना है।
वहीं, शहर में नशा तस्करी, पशु तस्करी, चोरी और डकैती की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए नोडल अफसर बनाए गए हैं। अलग-अलग ऑपरेशन के लिए नोडल अफसर बनाकर उन्हें डाटा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार डीआईजी जम्मू ने अफसरों से आपराधिक वारदातों से संबंधित जानकारियां मांगी हैं।
- आपरेशन संजीवनी : इस ऑपरेशन के तहत नशा तस्करों पर कार्रवाई होती है। इसके लिए एसपी हेडक्वार्टर जम्मू, सांबा और कठुआ के एएसपी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यह अधिकारी नशा तस्करी के हर मामले में बैकवर्ड और फारवर्ड लिंक का पता लगाएंगे। इसके लिए जांच अधिकारी, एसएचओ, डीएसपी की जिम्मेदारी तय होगी। केमिकल एवं मेडिकल नारकोटिक्स को नष्ट किया जाएगा। बीट बुक में पुराने नशेड़ियों और तस्करों को सूचीबद्ध किया जाएगा। इनकी संपत्तियों की पहचान कर कुर्क किया जाएगा। थानेदार जेल में भेजने से पहले अपराधी को नोडल अफसर के पास भेजेंगे।
- ऑपरेशन अवतार : यह ऑपरेशन वाहन चोरियों से संबंधित है। इसमें एसपी साउथ जम्मू और इंस्पेक्टर विजय शर्मा को नोडल अफसर बनाया गया हैं। यह अधिकारी पिछले पांच सालों में चोरी हुए वाहनों का यह डाटा जमा करेंगे, बीट बुक में आरोपियों के नाम दर्ज होंगे, हिस्ट्रशीटरों की फाइलें खुलेंगी। अगर यह क्षेत्राधिकार से बाहर होंगे तो संबंधित पुलिस से संपर्क किया जाएगा।
- ऑपरेशन मेघदूत : यह ऑपरेशन डकैती, लूट और चोरियों की रोकथाम के लिए शुरू किया गया है। एसपी नार्थ जम्मू को नोडल अफसर बनाया गया है। पिछले पांच वर्ष में डकैती, लूट और चोरियों की वारदातों के डाटा की समीक्षा होगी, बीट बुक में आरोपी की तमाम जानकारियां होंगी, सभी पुलिस थानों से चोरों की जानकारी ली जाएगी, हर हफ्ते चोरों को आगाह किया जाएगा कि वह ऐसी वारदात न करे और इस पर कड़ी निगरानी होगी।
-ऑपरेशन कामधेनु : यह ऑपरेशन पशु तस्करी रोकने को लेकर है। इसमें एसपी रूरल नोडल अफसर बनाए गए हैं। नशा तस्करी में चालकों और कंडक्टरों को पकड़ने की बजाए मुख्य आरोपियों को दबोचा जाएगा। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। एफआईआर में वाहन का इंजन नंबर, चेसिज नंबर, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड नंबर दर्ज होगा। तस्करों की संपत्ति कुर्क होगी।