अनुकंपा नियुक्ति के मामले में आदेश देते हुए कैट ने की टिप्पणी
सरकार को दिया आवेदक को मृतक पिता की जगह नौकरी देने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। यदि कोई व्यक्ति सात साल तक लापता रहता है, तो उसे मृत माना जाएगा। यह टिप्पणी केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) की जम्मू पीठ ने अनुकंपा नियुक्ति एक मामले में आदेश देते हुए की है। इसी के साथ कैट ने आवेदक को मृतक पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।
सांबा जिले के रहने वाले दीपक बोगल ने साल 2022 में कैट में एक आवेदन किया। आवेदन में दीपक ने बताया कि उसके पिता सवर्णा साल 1998 से लापता थे। पुलिस और उसके द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें ढूंढा नहीं जा सका। इसके बाद 2021 में उसकी मां ने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सिविल कोर्ट में आवेदन किया। कोर्ट के आदेश के बाद जम्मू नगर निगम ने 11 दिसंबर 2021 को उसके पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया, जिसमें मृत्यु की तारीख 17 जुलाई 2021 दिखाई गई। मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद आवेदक ने तुरंत अनुकंपा के आधार पर आवेदक की नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन प्रतिवादियों ने आवेदक के मामले को खारिज कर दिया।
सुनवाई के बाद मामले में आदेश देते हुए कैट ने न्यायिक सदस्य राजिंदर सिंह डोगरा ने कहा कि सरकार का स्पष्ट नियम है कि सात साल तक लापता रहने पर कोई भी व्यक्ति मृत माना जाएगा। इस मामले में आवेदक ने नियमानुसार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के एक साल के भीतर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया। इसलिए आवेदक को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जानी चाहिए।