सीमा पर उपजे हालात का दिख रहा असर, शहर का हर बाजार और कारोबार हो रहा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की आशंका के चलते कारोबार मंदा हो गया है। इससे निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने और कदम उठाने शुरू कर दिए। बाजारों में वीरवार को ग्राहकों की आवाजाही कम रही, लेकिन बुधवार की अपेक्षा बेहतर दिखाई दी।
शहर की कनक मंडी के बाजार में आम दिनों की तरह दुकानें खुलीं, लेकिन लोगों की आवाजाही कम रही। बाजार में सन्नाटा है, दुकानदार दिनभर ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। कनक मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष महाजन ने बताया कि बुधवार को युद्ध की आशंका के चलते लोग सामान की खरीदारी करने पहुंचे थे जिस कारण कारोबार में कुछ तेजी रही।
लेकिन, वीरवार को यह स्थिति नहीं दिखाई दी। व्यापारी वर्ग सहमा हुआ है कि यदि युद्ध होगा तो दुकान का माल कैसे निकालेगा। कश्मीर व आसपास के क्षेत्रों से रीठा, आंवला सहित जड़ी बूटियों के व्यापार को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार मेें इनकी मांग कम हुई है। उम्मीद है कि जल्द स्थिति में सुधार होगा।
पुरानी मंडी व रघुनाथ बाजार में भी रहा सन्नाटा
पुरानी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र महाजन ने बताया कि बाजार में सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। एक रुपये का भी धंधा नहीं हुआ है। तनाव के चलते कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। यहां पर करीब 170 से अधिक दुकानें हैं और रोजाना 20 लाख रुपये से अधिक का कारोबार होता है।
रघुनाथ बाजार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बल्देव खुल्लर ने बताया कि अप्रैल से लेकर जुलाई तक का समय पर्यटन सीजन का रहता है। तनाव से स्थिति बदली है। दुकानों खासकर ड्राई फ्रूट मार्केट में सन्नाटा दिखाई दे रहा है। बाजार में ऐसा लग रहा है कि जैसे सीजन निकल गया हो। स्थिति खराब है, लेकिन देश के सम्मान की बात जब आती है तो सभी को यह सब सहना होगा।
वेयर हाउस में स्थिति सामान्य, कश्मीर के लिए ट्रकों की आवाजाही सुचारू
वीरवार को वेयर हाउस से सामान्य दिनो की तरह ट्रकों की लोडिंग व अनलोडिंग का काम होता रहा। वेयर हाउस ट्रेडर्स फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने बताया कि लगभग 300 ट्रकों की आवाजाही रही। मॉल कश्मीर व दूसरे जिलों के लिए आर्डर के अनुसार भेजा गया है। स्थिति सामान्य नजर आ रही है।
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टूर एंड ट्रैवल्स को लगा तगड़ा झटका
जनरल बस स्टैंड के अंदर टूर एंड ट्रैवल्स की लगभग 40 से 50 छोटी कारें लाइन में खड़ी हैं। कश्मीर जाने वाले पर्यटक नदारद हैं। स्टेशन के बाहर व अंदर सन्नाटा पसरा हुआ है। टैक्सी चालक कारों में बैठे हैं। पूछने पर एक ने बताया कि काम ही नहीं चल रहा है। पर्यटन सीजन में नुकसान हुआ है। ट्रैवल्स संचालक उत्कर्ष गुप्ता ने बताया कि रामबन हाईवे बंद होने से वीरवार को एक भी टैक्सी कश्मीर नहीं जा सकी। ट्रैवल्स यूनियन के सुरेश कुमार ने बताया कि करीब तीन गाड़ियां कश्मीर गई हैं। युद्ध की आशंका के चलते पर्यटकों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। दो दिन में ही वापसी होगी। 30 लाख रुपये से अधिक का धंधा चौपट हो गया है। कश्मीर के लिए प्रति दिन के हिसाब से एक छोटी टैक्सी कम से कम तीन से चार हजार रुपये प्रतिदिन पर जाती है।
पेट्रोल पंप व एटीएम पर नहीं कोई लाइनें
बुधवार की तुलना में वीरवार को पेट्रोल पंप पर वाहनों की लाइनें नहीं दिखाई दीं। स्थिति सामान्य नजर आई। ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम के कारण यह स्थिति नहीं दिखाई दी। बुधवार को कुछ पेट्रोल पंप पर स्थिति बनी थी, जिसके बाद पेट्रोल कुछ पेट्रोल पंप पर खत्म हो गया था। वीरवार को यह स्थिति नहीं रही। सभी पंप पर सामान्य रूप से पेट्रोल की आपूर्ति होती रही।
कास्मेटिक बाजार का 10 फीसदी रह गया कारोबार
युद्ध की आशंका का असर कास्मेटिक के थोक व्यापार पर भी पड़ा है। शहर में 80 से अधिक थोक डीलर्स हैं। पहले रोजाना जहां 20 लाख से अधिक का कारोबार होता था वह अब सिमट कर दो से तीन लाख रुपये रह गया है। लोग सबसे पहले खाने-पीने की चीजों की खरीदारी कर रहे हैं। रोजाना जो माल राजोरी और पुंछ जा रहा था वह प्रभावित हुआ है।
जममू के जनरल बस स्टैंड के अंदर खड़ी टूर एंड ट्रेवेल्स की टैक्सी,पसरा सन्नाटा । अमर उजाला
जममू के जनरल बस स्टैंड के अंदर खड़ी टूर एंड ट्रेवेल्स की टैक्सी,पसरा सन्नाटा । अमर उजाला
जममू के जनरल बस स्टैंड के अंदर खड़ी टूर एंड ट्रेवेल्स की टैक्सी,पसरा सन्नाटा । अमर उजाला