कलश यात्रा के साथ रेहाल गांव में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आगाज
करुणामई श्यामा ललिता ने संगत को प्रवचनों से किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। भागवत कथा सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र की दुष्ट प्रवृत्तियां दूर होती हैं साथ ही सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है। यह ज्ञान करुणामई श्यामा ललिता ने रेहाल गांव में शुरू हुए श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के पहले दिन संगत को दिया।
इससे पहले करुणामई श्यामा ललिता (पोलू दीदी) के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली गई। इसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कलश यात्रा ढोल नगाड़ों के साथ भगवान श्री कृष्ण के जयकारे लगाते निकली। इसके बाद गांव के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर से कलश में जल भरकर वापस सप्ताह कथा स्थान पर पहुंचकर संपन्न हुई। इससे पूर्व कथा स्थल पर हवन पूजन किया गया। कथा का शुभारंभ करते हुए कथावाचक श्यामा ललिता ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें श्रीमद्भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। कथा के पहले दिन कथावाचक करुणामई श्यामा ललिता द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत का महत्तम समझते हुए ज्ञान, वैराग्य तथा भक्ति के विषय पर प्रवचन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को निहाल किया इस अवसर पर पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उपस्थित रही।