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Jammu News: अदालतों में 8 हजार से ज्यादा युवा अधिवक्ता, नहीं मिल रहा भत्ता

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हर साल 500 छात्र पास करते हैं एलएलबी की परीक्षा, भत्ता न होने पर अदालतों तक पहुंच पाते हैं सिर्फ 50-100
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में कई बड़े मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ा जा रहा है। लेकिन, युवा अधिवक्ताओं के मुद्दे अब भी दबे हुए हैं। इसमें युवा वकीलों को भत्ता देने का मुद्दा सबसे बड़ा है। प्रदेश की अदालतों में करीब 8 हजार युवा अधिवक्ता हैं, जिनकी वकालत 5 से 6 वर्ष की हो चुकी है। लेकिन, किसी को भत्ता नहीं मिलता।
युवा अधिवक्ताओं का कहना है कि पांच वर्ष तो वकालत समझने में लग जाते हैं। इस दौरान खर्च तक नहीं मिलता। यदि हर महीने कुछ भत्ता मिल जाए तो दिक्कतें दूर हों। युवा अधिवक्ताओं का ये भी कहना है कि हर वर्ष 500 छात्र एलएलबी पास करते हैं, लेकिन अदालतों में वकालत करने के लिए 50 या 100 ही आते हैं।
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भत्ता न होने से छोड़ रहे वकालत
यंग लायर एसोसिएशन के प्रधान रोहित कुमार का कहना है कि युवा वकीलों की कई दिक्कतें हैं। वे अपना खर्च तक नहीं निकाल पाते। इसकी वजह से युवा अधिवक्ता इस पेशे से दूर जा रहे हैं। कई युवा अधिवक्ताओं को घर का खर्च चलाना है। कई को अपनी परीक्षाओं की तैयारी करनी है। लेकिन उनके पास खर्च तक नहीं होता। लिहाजा एक तय भत्ता होना जरूरी है।


बार काउंसिल ही समाधान
हाईकोर्ट के अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ता असीम साहनी का कहना है कि केरल, झारखंड जैसे कुछ राज्यों में पांच वर्ष तक की वकालत करने वाले युवा अधिवक्ताओं को पांच से 6 हजार भत्ता मिलता है। लेकिन ये भत्ता वहां की बार काउंसिल देती है। जोकि जम्मू कश्मीर में नहीं है। जब तक बार काउंसिल नहीं होगी। तब तक भत्ता कहां से दिया जाएगा। लिहाजा सबसे पहले यहां बार काउंसिल का होना जरूरी है।
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युवा अधिवक्ताओं को मिलना भत्ता
चुनाव में महासचिव के पद पर खड़े हुए अधिवक्ता अर्जुन सिंह पठानिया ने बताया कि वे खुद युवा हैं। इसलिए युवा अधिवक्ताओं की समस्याओं को अच्छे से समझते हैं। देश के कई राज्यों में युवा अधिवक्ताओं को नियमित तौर पर भत्ता मिलने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। अपने यहां सरकार की अभी तक ऐसी कोई योजना नहीं है। इसके अलावा कोर्ट परिसर में बहुमंजिला इमारत के निर्माण से भी सबसे ज्यादा फायदा युवा अधिवक्ताओं को ही होगा। ज्यादातर युवा अधिवक्ताओं के पास अपने चैंबर्स नहीं हैं। बहुमंजिला इमारत के निर्माण से युवाओं की ये दिक्कत पूरी होगी।
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