बार के चुनाव में कई प्रत्याशी कानूनविद परिवार से, जजों तक से रिश्ते
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में जीत हासिल करने के लिए प्रत्याशी जमकर पसीना बहा रहे हैं। कोई अनुभव के सहारे जीत की राह ढूंढ रहा है तो किसी के परिवार ने प्रचार की कमान संभाल ली है।
कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिनके परिवार में कोई भी कानूनी पृष्ठभूमि से नहीं है। बावजूद, इसके वह कड़ी टक्कर देने की फिराक में हैं। कुछेक प्रत्याशियों के परिवार और वे खुद राजनीतिक दलों से संबंध रखते हैं। लेकिन, कानून से जुड़े लोगाें का कहना है कि बार के चुनाव में कुछ पता नहीं चलता। जब कोई वकील अदालत परिसर में आता है, तो वह काले कोट में होता है।
प्रधान पद : अनुभव, युवा जोश और प्रभाव
बार के चुनाव में प्रधान पद के लिए अभिनव शर्मा, निर्मल कोतवाल, रोहित शर्मा, पवन कुंडल और भविष्य सूदन मैदान में हैं। अभिनव शर्मा जहां अपने दो बार अध्यक्ष रहने के अनुभव को लेकर मैदान में हैं वहीं, निर्मल कोतवाल दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। इस बार उनका बेटा सरवेश भी पिता को जीत दिलाने के दम लगा रहा है। राहुल शर्मा जान माने वकील ओपी शर्मा के पुत्र हैं। पवन कुंडल एससी समाज के अकेले उम्मीदवार हैं और वह इसका पूरा लाभ उठाने चाहेंगे। इस सूची में भविष्य सूदन का नाम भी है, जोकि अपने परिवार के अकेले वकील हैं और सबसे युवा हैं। इसी का लाभ उठाकर चुनाव लड़ रहे हैं।
कोई यंग लायर एसोसिएशन का रहा प्रधान, किसी का भाई विधायक
चुनाव के अन्य पदों के लिए मैदान में उतरे प्रत्याशियों के बीच भी वर्चस्व की लड़ाई है। महासचिव पद का चुनाव लड़ रहे अर्जुन पठानिया के भाई उधमपुर से विधायक रणबीर सिंह पठानिया हैं। रणबीर भी पेशे से वकील हैं। वे हाईकोर्ट में अपना चैंबर चलाते थे, जिसे अब अर्जुन ने संभाल रखा है। महासचिव पद के चुनावी मैदान में प्रदीप मजोत्रा उतरे हैं। वह पूर्व में बार के संयुक्त पद पर रह चुके हैं। उपप्रधान पद के लिए दलजीत सिंह मन्हास भी यंग लायर के प्रधान रह चुके हैं। दीपिका महाजन पूर्व में भी उपप्रधान रह चुकी हैं। उपप्रधान पद के ही दावेदार बलदेव सिंह के भाई भी वकील हैं और वे उनके लिए दम लगा रहे हैं।