जब अपना जहाज था, तो चार्टर्ड प्लेन क्यों उड़ाए गए: उमर
सदन में नेकां सदस्यों का हंगामा, हाउस समिति बनाने की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर मेहमाननवाजी के लिए मशहूर है। लेकिन यह भी सच है कि पिछले तीन साल में चार्टर्ड प्लेन पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। जब जम्मू कश्मीर का अपना जहाज था क्यों ऐसे चार्टर्ड प्लेन उड़ाने की क्यों जरूरत पड़ गई। अगर पायलट की कहीं कमी थी तो किराये पर उन्हें लाकर जहाज उड़ाया जा सकता था। इस बीच अनुदान मांगों पर बहस के दौरान नेकां विधायकों ने चार्टर्ड प्लेन के मुद्दे पर हंगामा करके हाउस समिति बनाने की मांग की।
नेकां गैलरी से हाउस समिति की बार-बार मांग करने पर भाजपा विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने टोकते हुए कहा कि अब सरकार आपकी है और आप चाहें तो समिति बना सकते हैं। अनुदान मांगों पर जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमसे चार्टर्ड प्लेन पर जानकारी मांगी गई थी और हमने ईमानदारी के सदस्य को उपलब्ध करवाई। कहीं कोई सियासत या सवालिया निशान नहीं लगाए गए। लेकिन यह चार्टर्ड प्लेन तब इस्तेमाल किए गए जब हमारे पास अपना जहाज था।
मैं यह नहीं मानता हूं, हमारे पास पायलट नहीं थे, आज पायलट किराये पर मिल जाते हैं। उप राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मेरा हेलिकाॅप्टर पायलट छुट्टी पर था, तब मैंने हफ्ते के लिए पायलट को किराये पर लेकर हेलिकाप्टर उड़ाया। हमने लोगों के पैसों से अपना जहाज खरीदा था और पांच साल तक जम्मू एयरपोर्ट पर सजाकर रखा और इस्तेमाल किया। लेकिन इसमें लापरवाही हुई है। अगर जहाज को इस्तेमाल नहीं करना होता तो उसे खुले में क्यों रखा गया।
उसके सही रखरखाव के लिए उसे उचित जगह पार्क किया जाता है। मौसम से बचाने के लिए उसे श्रीनगर एयरपोर्ट पर पार्क किया जाता। अब दोबारा इस जहाज को उड़ाने के लिए कितने करोड़ रुपये लगेंगे पता नहीं। हमें मानना चाहिए कि हमसे गलती हुई है और इसमें सुधार लाना चाहिए।