अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऋण के लिए जरूरी नो ड्यू सर्टिफिकेट (एनडीसी) जल्द ही आनलाइन दिया जाएगा। इसके लिए सर्विस प्लस पोर्टल तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है। एआरआई एंड ट्रेनिंग (प्रशासनिक सुधार निरीक्षण एवं प्रशिक्षण विभाग) की ओर से विधानसभा में इसकी जानकारी दी गई।
बताया गया कि विभाग ने डिप्लोमा व डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए गए शिक्षा ऋण के संबंध में एनडीसी जारी करना अनिवार्य कर दिया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान विभाग द्वारा 377 एनडीसी जारी किए गए और सरकारी खजाने में 32.97 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए पहली बार एआरआई और प्रशिक्षण विभाग ने एनआईसी के परामर्श से एनडीसी को ऑनलाइन जारी करने की पहल की है। ऋण के लिए एनडीसी जारी करना जल्द ही सर्विस प्लस पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होगा। वर्तमान में यह सेवा परीक्षण के चरण में है और जल्द ही शुरू की जाएगी।
ई-काउंसलिंग प्रणाली अपनाई जाएगी
सरकार अगले शैक्षणिक सत्र यानी 2025-26 से शुरू होने वाले विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में जेकेबीओपीईई (जम्मू कश्मीर बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेस एग्जामिनेशन) के माध्यम से प्रवेश के लिए ई-काउंसलिंग प्रणाली शुरू करेगी। प्रवेश प्रक्रिया की दक्षता, पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ाने के लिए एनआईसी जम्मू और कश्मीर के सहयोग से इस बदलाव को लागू किया जा रहा है। जेकेबीओपीईई भी एआरआई विभाग के अधीन है।
37 सरकारी एजेंसियों का संस्थागत निरीक्षण
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान विभाग ने 37 सरकारी एजेंसियों का संस्थागत निरीक्षण किया है। जिसका उद्देश्य उनके प्रबंधन में नामांकित की पहचान करना और बेहतर और शैक्षणिक प्रशासन के लिए सुधार और सुधारात्मक सुझाव देना है।
65 सेवाओं के भर्ती नियमों का विश्लेषण
एआरआई और प्रशिक्षण विभाग को सेवा भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने, अद्यतन करने, संशोधित करने का अधिकार है। भर्ती नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया योग्यता के आधार पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए। सेवा भर्ती नियमों में संशोधन करने के लिए अप्रैल 2024 में स्थायी समिति के पुनर्गठन के बाद चालू वित्तीय वर्ष के दौरान उक्त समिति द्वारा 15 सेवाओं के भर्ती नियमों को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा भर्ती नियमों को अंतिम रूप देने के लिए 38 सेवाओं पर भी विचार किया गया है। मिशन मोड में विभिन्न विभागों की 65 सेवाओं के भर्ती नियमों का विश्लेषण किया है।