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Jammu News: अव्यवस्था की नहर से सूख रहे खेत

Thu, 31 Aug 2023 01:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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कूल मोड़ से आगे पंडोरिया नहर में गंदगी का साम्राज्य, लीकेज और अवैध कूहलों से अन्नदाता मायूस
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अरनिया में विभागीय अनदेखी से 15 गांवों के किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। विभागीय अनदेखी के चलते अरनिया के 15 गांवों के किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। कूल मोड़ से आगे पांच किलोमीटर नहर नंबर 14 जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के साथ ही गंदगी का पटी है। अवैध कूहलों के चलते जो थोड़ा बहुत पानी नहर में है वह 15 गांवों के किसानों को नहीं मिल रहा है। इससे धान की फसल सूख रही है।
नहर नंबर 14 में पंडोरिया से कूल मोड़ तक पर्याप्त पानी है, लेकिन कूल मोड़ से आगे पांच किलोमीटर तक पानी की जगह अव्यवस्था और लापरवाही के चलते नहरी पानी खेतों तक नहीं पहुंच रहा है। इसका मुख्य कारण अवैध कूहलें, गंदगी और लीकेज है। हर साल नहर की सफाई के लिए सिंचाई विभाग की ओर से बकायदा टेंडर करवाया जाता है, लेकिन खानापूर्ति ही होती है। किसानों के अनुसार सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर आकर स्थिति का जायजा लेने की जहमत नहीं उठाते हैं। जब तक नहर सुचारू होती है, तब तक वह दोबारा से गंदगी से पट जाती है। गांव कल्याणा कोठे में 200 मीटर नहर की हालत काफी दयनीय है। जगह-जगह से नहर क्षतिग्रस्त है, जिस कारण बड़ी मात्रा में पानी लीकेज के चलते बर्बाद हो जाता है। इससे सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान आजतक नहर की मरम्मत नहीं हुई है।
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सौ से अधिक अवैध कूहलें बनीं परेशानी
नहर नंबर 14 में अवैध कूहलें किसानों की परेशानी को बढ़ा रही हैं। 15 साल पहले इस नहर में सिंचाई विभाग की ओर से 35 कूहलें बनाई गई थीं। लेकिन अनदेखी के चलते मौजूदा समय में 100 से ज्यादा अवैध कूहलें हैं, जिस कारण अंतिम क्षेत्र तक नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस कारण 15 गांवों के किसान समस्या से जूझ रहे हैं।सिंचाई विभाग की तरफ से अवैध कूहलों को बंद करने के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

15 गांवों के किसान देख रहें पानी की राह

15 गांवों के किसानों को आज भी सिंचाई के लिए पानी का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल पर्याप्त मात्रा में सिंचाई सुविधा नहीं मिलने से फसल को नुकसान पहुंचता है। सरकार की ओर से सीमावर्ती इलाकों में नहरों का जाल बिछाने का तब तक कोई फायदा नहीं है जब तक पानी की आपूर्ति अंतिम छोर तक न हो। सिंचाई विभाग के मुख्य अधिकारी को क्षेत्र में नहरों की स्थिति का जायजा लेने के लिए कई बार कहा है, लेकिन आश्वासन के अलावा आजतक कुछ नहीं मिला है। इससे साफ है कि सिंचाई विभाग किसानों की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।

नहर में पानी आने से फसलों की पैदावार बंपर होती है। अगर नहर बनाई गई है, तो उसमें पानी की आपूर्ति क्यों नहीं हो पाती है। सिंचाई विभाग को इस पर कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।



- राकेश सिंह, किसान













लोगों को नहर में गंदगी डालने पर रोक लगनी चाहिए। पंचायत स्तर पर नहरों में गंदगी डालने वालों को जुर्माना करना चाहिए, ताकि नहर की सफाई बनी रहे और अंतिम छोर तक पानी की सुविधा मिल सके।
- सोमलाल, किसान








20 से 25 साल पहले नहर में पानी आता था। समय के साथ-साथ नहर में पानी आना बंद हो गया। सिंचाई विभाग पूर्ण रूप से ध्यान केंद्रित करें तो नहर में पानी आना कोई बड़ी बात नहीं है।
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- यशपाल, किसान









नहर की मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया द्वारा ठेकेदार को कार्य अलॉट हुआ था। मरम्मत के समय ही उसमें कमी रह गई थी, जिस कारण लीकेज हो रही है। लोग भी गंदगी नहर में ही फेंक रहे हैं, जिस कारण नहर कई स्थानों पर बंद हो गई है। लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन वह बाज नहीं आ रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को इस संबंध में संज्ञान लेना चाहिए।







-ईशान सैनी, जेई, सिंचाई विभाग
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