जम्मू-कश्मीर के 21 शहरों में जलशक्ति विभाग का कामकाज अब नगर निगम और नगर परिषदों के अधीन हो गया है। जम्मू व श्रीनगर नगर निगम के अलावा 19 नगर परिषदों के पास कर्मचारी, पानी आपूर्ति और बिल भुगतान से जुड़ी जिम्मेदारी होगी। संविधान के 74वें संशोधन के तहत विभाग के कर्मचारियों और कामकाज को स्थानीय निकायों के अधीन करने संबंधी प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
जलशक्ति विभाग के आयुक्त सचिव एम राजू ने इस बाबत आदेश जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत जलशक्ति विभाग के कर्मचारी, आधारभूत ढांचा और बिल भुगतान से एकत्रित होने वाला राजस्व भी शहरी स्थानीय निकायों के पास जाएगा। जल आपूर्ति की 140 स्कीमों को ढांचे समेत जम्मू और श्रीनगर नगर निगम को सौंपा गया है। इसी तरह से 19 नगर परिषदों को जलशक्ति विभाग की 3222 किलोमीटर लंबी जल वितरण लाइन चलाने, देखरेख और संबंधित अमले की जिम्मेदारी मिली है।
जलशक्ति विभाग अलग से देगा बजट
पानी आपूर्ति व्यवस्था हस्तांतरित होने के बाद स्थानीय निकायों को जलशक्ति विभाग से अलग बजट मिलेगा। बजट आवंटन के लिए बाकायदा अलग हेड बनाया जाएगा।
जम्मू नगर निगम
स्टाफ समेत जल शक्ति विभाग की सिटी डिवीजन-एक, डिवीजन दो, पीएचई मेकेनिकल डिवीजन नार्थ जम्मू, मेकेनिकल डिवीजन साउथ और मेेकेनिकल अर्बन सर्कल। संचालन और रखरखाव की सारी जिम्मेदारी निगम के पास।
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श्रीनगर नगर निगम
स्टाफ समेत सिटी वाटर वर्क्स डिवीजन श्रीनगर, मेकेनिकल डिवीजन श्रीनगर का कुछ हिस्सा, सिटी सब डिवीजन आरडब्ल्यूएस गांदरबल का कुछ हिस्सा और सब डिवीजन लालनगर सब डिविजन चडूरा का कुछ हिस्सा।
स्थायी व अस्थायी स्टाफ स्थानीय निकायों को अधीन होंगे। ऐसे में अस्थायी, अनुबंध, दैनिक वेतन भोगी वर्करों की मानदेय राशि भी जलशक्ति विभाग स्थानीय निकायाें के खाते में डालेगा। स्थानीय निकाय ही तय करेंगे कि कितने अस्थायी कर्मचारियाें की सेवाएं लेनी हैं।