रजिस्ट्रार जनरल संजीव गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार एक बेंच के सामने सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड से होगी। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोविड संक्रमण के ओमिक्रॉन प्रारूप के खतरे को देखते हुए अदालतों में वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोविड संक्रमण के ओमिक्रॉन प्रारूप के खतरे को देखते हुए अदालतों में वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था अब 15 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रजिस्ट्रार जनरल संजीव गुप्ता द्वारा जारी आदेश के अनुसार एक बेंच के सामने सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड से होगी। किसी भी सूचीबद्ध मामले के संबंध में व्यक्तिगत सुनवाई संबंधी बेंच की संतुष्टि के अधीन होगी।
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वर्चुअल मोड से मामलों की सुचारु सुनवाई के लिए सीपीसी ई-कोर्ट के समन्वय में उच्च न्यायालय के दोनों विंग के रजिस्ट्रार न्यायिक अपने संबंधित विंग में प्रत्येक बेंच के लिए एक लिंक बनाएंगे। इसे अधिवक्ताओं और वादियों को प्रदान करेंगे। आदेश के अनुसार न्यायालय परिसर में वादियों और जनता का बाहरी गेट से प्रवेश वर्जित होगा।
अधिवक्ताओं के लिपिकों का प्रवेश अधिवक्ताओं के कक्षों तक सीमित होगा और उनका न्यायालय भवन और अनुभागों समेत कार्यालयों में प्रवेश वर्जित होगा। अनुभागों, कार्यालयों और अदालतों में भीड़-भाड़ कम करने के लिए अधिकारियों को रोटेशन के आधार पर 50 प्रतिशत की कमी करनी होगी।
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उच्च न्यायालय के दोनों विंग के रजिस्ट्रार न्यायिक प्रत्येक शनिवार और रविवार को पूरे उच्च न्यायालय परिसर की सफाई सुनिश्चित करेंगे। ड्यूटी पर कर्मचारी और वकील यदि कोई शारीरिक सुनवाई के लिए अनुमति दी गई है तो आवश्यक सावधानी बरतेंगे।
इस दौरान शारीरिक दूरी का पालन किया जाएगा। मास्क पहनना और संबंधित सरकारों द्वारा समय-समय पर जारी किए गए एसओपी और दिशा-निर्देशों का पालन जरूरी होगा। (जेएनएफ)