आत्मसमर्पण करने वाले मुनाफ ने लड़ा डीडीसी चुनाव
- फोटो : एएनआई
जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार हो रहे जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के आठवें और अंतिम चरण में शनिवार को मतदान हुआ। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के रजौरी के दरहाल मल्कान इलाके से मुनाफ मलिक ने डीडीसी का चुनाव लड़ा।
मुनाफ पहले आतंकी संगठन में शामिल था। हालांकि उसने सरेंडर कर आतंकवाद की राह छोड़ दी। मुनाफ मलिक ने कहा कि मैं सात साल तक एक आतंकी संगठन का डिवीजनल कमांडर रहा था। मैं आतंकियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करता हूं।
डीडीसी चुनाव के आखिरी चरण में 51 फीसदी मतदान
जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के आठवें और अंतिम चरण में डीडीसी की 28 सीटों पर हुए मतदान में एक बार फिर मतदाताओं ने कड़ाके की ठंड और कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोकतंत्र की मजबूती के लिए भारी मतदान किया।
कुल मिलाकर आखिरी चरण में 50.98 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जम्मू संभाग में 72.71 और कश्मीर संभाग में 29.91 फीसदी मतदान हुआ। आखिरी चरण के मतदान के साथ ही डीडीसी चुनाव में संपन्न हो गए हैं, अब 22 दिसंबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित होंगे।
जम्मू संभाग के पुंछ जिले में एक बार भी सबसे अधिक मतदान हुआ। जिले में 83.58 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। रियासी 81.92 फीसदी मतदान के साथ दूसरे नंबर पर रहा। राजोरी में 77.31 और रामबन में 73.42, जबकि कठुआ में 73.93 फीसदी मतदान हुआ।
जम्मू जिले में 69.39 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य चुनाव आयुक्त केके शर्मा के अनुसार कश्मीर संभाग के कुपवाड़ा जिले में 63.80 फीसदी लोग मतदान करने पहुंचे। बारामुला में 44.60 और बांदीपोरा में 56.56 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
प्रदेश में सबसे कम मतदान पुलवामा जिले में हुआ, यहां केवल 8.50 फीसदी मतदाता ही केंद्रों में पहुंचे। शोपियां में 8.58 और अनंतनाग में 8.66 फीसदी मतदान हुआ। कुल मिलाकर अंतिम चरण में 6,31,058 मतदाताओं में से 3,21,694 ने मतदान किया। इनमें 1,69,271 पुरुष और 1,52,423 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान चरण प्रतिशत
पहला चरण 51.76
दूसरा चरण 48.62
तीसरा चरण 50.53
चौथा चरण 50.08
पांचवां चरण 51.20
छठा चरण 51.51
सातवां चरण 57.22
आठवां चरण 50.98