पहले लोकसभा चुनाव में करारी पराजय फिर महाराष्ट्र एवं हरियाणा में भी हार के बाद रियासत में अपनी साख बचाना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। एक बार फिर सोनिया-राहुल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमने-सामने हैं।
विदेश दौरे से लौटने के अगले ही दिन मोदी झारखंड में चुनाव प्रचार के लिए पहुंच गए। वे शनिवार को रियासत में चिनाब वैली के कांग्रेसी गढ़ में हल्ला बोलेंगे। सोनिया और मोदी के लिए यह चुनाव अग्नि परीक्षा साबित होंगे क्योंकि यहां लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाली कांग्रेस को अपनी प्रतिष्ठा बचाने की फिक्र है वहीं मोदी यहां भी अपने जादू को बरकरार रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
पिछले चुनाव में वर्ष 2008 में कांग्रेस ने 17 और भाजपा ने 11 सीटें जीती थीं। पहली बार भाजपा को इतनी सीटें मिलीं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में उसने रियासत की छह में से तीन सीटें झटक लीं। कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका था।