तूफानी बल्लेबाज अब्दुल समद जेएंडके से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तूफानी बल्लेबाज अब्दुल समद हैं। उन्होंने आठ मैचों में 54 की औसत से 543 रन बनाए हैं। 125 रन की सर्वोच्च पारी और 13 छक्कों ने कई मुकाबलों में विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाया। तेज रन गति के कारण टीम को निर्णायक बढ़त मिली।
कप्तान पारस डोगरा बने टीम की रीढ़ :
कप्तान पारस डोगरा ने 44 की औसत से 482 रन बनाए। संकट की घड़ी में क्रीज पर टिककर खेलना और युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही जिसने टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाया। पारस दो वर्षों से जम्मू-कश्मीर टीम की कप्तानी कर रहे हैं।
कन्हैया ने दी स्थिरता
विकेटकीपर कन्हैया वाधवान ने मध्यक्रम में टीम को स्थिरता दी। जब शुरुआती विकेट गिरे तब उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए साझेदारी की। दबाव में बल्लेबाजी कर उन्होंने कई मुकाबलों में टीम को सुरक्षित स्थिति तक पहुंचाया। कन्हैया ने आठ मैचों में 375 रन बनाए। जम्मू-कश्मीर के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में तीसरे स्थान पर रहे।
शुरुआती सफलता दिलाई
तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने सात मैचों में 22 विकेट लिए और दो बार पांच विकेट हॉल लिया। नई गेंद से शुरुआती सफलता दिलाने के साथ-साथ उन्होंने निचले क्रम में बल्ले से भी उपयोगी योगदान देकर टीम को मुश्किल हालात से निकाला। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाफ सुनील ने पहली पारी में तीन विकेट लिए। दूसरी पारी में मुश्किल समय में बल्ले से 26 रन का योगदान दिया।
भरोसेमंद बने आबिद
बाएं हाथ के स्पिनर आबिद मुश्ताक सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी रहे। 390 रन बनाए जिसमें शतक और अर्धशतक के साथ 10 छक्के शामिल हैं। 19 विकेट झटके जिसमें एक बार पांच विकेट हॉल शामिल रहा। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को संतुलन मिला। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में दूसरी पारी में तीन विकेट लिए।
सबसे बड़े सूत्रधार बने नबी
तेज गेंदबाज आकिब नबी इस सत्र में जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी ताकत रहे। आठ मैचों में 46 विकेट लेकर टूर्नामेंट के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज बने। पांच बार पांच विकेट और क्वार्टर फाइनल में 12 विकेट लेकर उन्होंने सेमीफाइनल का रास्ता साफ किया। आकिब ने टीम को उस स्थिति से बाहर निकाला जब टीम हार की तरफ बढ़ रही थी। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश ने जम्मू-कश्मीर को पहली पारी में 194 रन पर ढेर कर दिया था। आकिब ने पारी में सात विकेट लेकर अपनी टीम को 42 रन की बढ़त दिलाई।