जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) महबूबा मुफ्ती के खिलाफ प्रतिकूल रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्हें पासपोर्ट दिये जाने का विरोध किया है। महबूबा ने पिछले वर्ष 31 मई को पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो जाने के बाद दिसंबर माह में आवेदन दिया था। जो पुलिस सत्यापन रिपोर्ट के अभाव में अब तक मंजूर नहीं हुआ है।
अधिकारियों ने बताया कि अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने प्रतिकूल रिपोर्ट दी है, लेकिन मामला अदालत में होने के कारण इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती। इससे पहले 23 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय व क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल टीएम शम्सी ने उस वक्त कुछ समय के लिये सुनवाई टालने का अनुरोध किया था जब जम्मू कश्मीर सीआईडी की तरफ से पेश हुए वकील ने न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मागरे को बताया कि उनके पासपोर्ट आवेदन पर सत्यापन रिपोर्ट 18 मार्च को ही जमा की गई है।
शम्सी ने हालांकि अदालत को सूचित किया कि उन्हें श्रीनगर के पासपोर्ट कार्यालय से 22 मार्च को जानकारी मिली और उसमें पता चला कि याचिकाकर्ता के सत्यापन की प्रक्रिया अभी चल रही है और जैसे ही सत्यापन प्रक्र्तिया पूरी होगी, आगे की कार्रवाई के लिये जरूरी रिपोर्ट तत्काल सौंपी जाएगी।
न्यायमूर्ति मागरे ने मामले में सुनवाई की अगली तारीख 29 मार्च तय करते हुए कहा, पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जानकारी में यह भी खुलासा हुआ कि याचिकाकर्ता के मामले में सीआईडी सत्यापन रिपोर्ट अब भी जम्मू कश्मीर सीआईडी से मिलनी है। शम्सी द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को संज्ञान में लिया जाए। महबूबा के वकील ने कहा था कि जम्मू कश्मीर सीआईडी द्वारा द्वारा सत्यापन रिपोर्ट की अनुपलब्धता के कारण क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा अपनाए गए रुख के चलते उनके मुवक्किल के लिये पासपोर्ट जारी करने में देरी हो रही है।
31 मई को खत्म हो चुकी है पासपोर्ट की अवधि
महबूबा ने याचिका में कहा कि उनके पासपोर्ट की अवधि पिछले साल 31 मई को समाप्त हो गई थी और उसी के आधार पर उन्होंने नए पासपोर्ट के लिए 11 दिसंबर 2020 को संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवेदन किया था।महबूबा के वकील ने कहा कि विदेश मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, किसी व्यक्ति का पासपोर्ट तत्काल मामले में 30 दिनों के भीतर जारी किया जाना चाहिए परंतु उनकी मुवक्किल को आवेदन दिए हुए तीन महीने बीत चुके हैं।