आईजी ने बताया कि इसमें शामिल नौ आतंकियों की शिनाख्त हो चुकी है। सात पकड़े जा चुके हैं। इनसे पूछताछ में किसी अन्य आतंकी मॉड्यूल के पर्दाफाश होने की उम्मीद है। बताया कि बांदीपोरा जिले का सुंबल और बारामुला जिले का सोपोर इलाका श्रीनगर जिले से करीब होने के कारण काफी महत्वपूर्ण है।
पकड़े गए आतंकियों में शफाकत अली (30) निवासी जलालाबाद सोपोर जियो इंफो कॉम में इंजीनियर है। इसके साथ ही आकिब फारूक सोफी (19) निवासी खुशाल मट्टू सोपोर पुलिस स्टेशन सोपोर के पास एक होटल में कर्मचारी रहा है। इसके अलावा एहतेशाम फारूक, निसार अहमद गनई व मुसैब हसन भट भी पकडे़ गए हैं। केरन से कबीर लोन व शराफत अहमद खान की गिरफ्तारी हुई।
आठ एके-47 राइफल, नौ पिस्टल और 77 ग्रेनेड बरामद
आतंकियों की निशानदेही पर बरामद हथियारों के जखीरे में आठ एके 47, नौ पिस्टल, 77 ग्रेनेड, 21 डेटोनेटर, 25एके मैगजीन, 750 एके की गोलियां, 16 पिस्टल मैगजीन, 351 पिस्टल की गोलियां हैं।
लश्कर ने रजिस्टेंस फ्रंट नाम से छद्म संगठन खड़ा कर लिया है। पकड़े गए आतंकी इसी संगठन से जुड़े थे। संगठन बारामुला के सोपोर से कुपवाड़ा के केरन तक सक्रिय है। पाकिस्तान के एंड्रू जोंस नामक व्यक्ति के टेलीग्राम मैसेंजर पर सभी काम करते थे। एंड्रू जोंस ने एहतेशाम फारूक मलिक, शफाकत अली, मुसैब हसन भट व निसार अहमद गनई को स्थानीय युवाओं को भर्ती का जिम्मा सौंपा था।
शराफत ने पूछताछ में बताया कि उसने दो अन्य के साथ एलओसी पार से हथियारों व गोला-बारूद का जखीरा प्राप्त किया है और उसे केरन के कोबरा पोस्ट के पास छिपाकर रखा है। इसे वहीं से बरामद किया गया।