जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी सेना ने राजौरी और पुंछ जिले में सीजफायर का उल्लंघन किया है। सुबह करीब नौ बजे राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर और पुंछ जिले के शाहपुर, किरनी और कस्बा सेक्टरों में एलओसी पर मोर्टार के साथ छोटे हथियारों से गोलीबारी की है।
भारतीय सेना भी जवाबी कार्रवाई कर रही है। कसबा, किरनी और शाहपुर सेक्टर में पाकिस्तान की गोलाबारी का लगातार पांचवां दिन है।
पाकिस्तानी गोलाबारी में धर्मस्थल और कई मकानों को नुकसान
इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने फिर एलओसी और आईबी पर सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलाबारी की। अग्रिम चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। गोलाबारी में एक धर्मस्थल समेत कई घरों को नुकसान पहुंचा है।
एक मवेशी भी घायल हो गई। पाकिस्तानी सेना की नापाक हरकत का जवानों ने भी करारा जवाब दिया है। कई घंटों की गोलाबारी से इलाके में दहशत का माहौल है।
मंगलवार रात को साढ़े 10 बजे के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने हीरानगर सेक्टर में बीएसएफ की सतपाल, करोल कृष्णा, गुरनाम पोस्ट के साथ मनियारी और सपालवां गांवों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी की। यह गोलाबारी भीके चक, करोल पंगा, चक सामां पोस्ट से की गई। गोलाबारी में मनियारी के मोहनलाल की एक गाय मोर्टार के छर्रे लगने से घायल हो गई।
वहीं सपालवां में एक धर्मस्थल को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा इसी गांव के राम पाल, दर्शन कुमार, वैष्णो भगत और दर्शन कुमार के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। कई मोर्टार शेल खेतों में गिरे। बीएसएफ ने भी पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का करारा जवाब दिया है।
वहीं, बुधवार को लगातार तीसरे दिन सुबह 9.15 बजे नियंत्रण रेखा पर पुंछ जिले के कीरनी, कस्बा और शाहपुर में सेक्टर में सैन्य चौकियों व रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए गोलाबारी की गई। नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में कस्बा, कस्बा अपर, कीरनी, बांडीचेचियां, मंधार, ऊकाईयां, शाहपुर और इस्लामाबाद आदि में मोर्टार गिरने से घरों को नुकसान पहुंचा।
लोगों में भय का माहौल बन गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पनाह लेनी पड़ी। सेना ने भी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। बताया जा रहा है कि पहले पाक सेना ने यूनिवर्सल मशीनगन से कीरनी, कस्बा और शाहपुर सेक्टर में गोलाबारी की, जिसके बाद मोर्टार शैल दागने शुरू कर दिए। सेना ने भी पाकिस्तान को उसी भाषा में जवाब दिया।
छह अक्तूबर तक 3589 बार गोलाबारी
पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रहा है। इस वर्ष इन घटनाओं की संख्या बढ़ गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष छह अक्टूबर तक एलओसी और आईबी पर पाकिस्तान 3589 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है। जबकि वर्ष 2019 में यह संख्या 3168 थी।