जीएमसी जम्मू में शनिवार को ब्लैक फंगस के एक और मामले की पुष्टि हुई। मरीज सांबा जिले का रहने वाला है। अब तक प्रदेश में 15 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। वहीं जीएमसी में ब्लैक फंगस के लक्षण के संदेह में आठ मरीजों के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं।
जीएमसी की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन शर्मा के अनुसार अस्पताल में ईएनटी और हेड, नेक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने ब्लैक फंगस के नौ मरीजों की सर्जरी की है। सर्जरी में इंडोस्कोपिक, ओपन और कंबाइंड तकनीक को अपनाया गया है।
डॉक्टरों के अनुसार कोरोना संक्रमण के उपचार के दौरान बड़ी मात्रा में स्टेरायड के प्रयोग से फंगस नाक के माध्यम से शरीर में चला जाता है। जिन मरीजों की शूगर लेवल ज्यादा है और इम्युुनिटी कम है, उन्हें ब्लैक फंगस होने का खतरा रहता है। ब्लैक फंगस से आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
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ब्लैक फंगस मरीजों की सर्जरी के दौरान प्रिंसिपल एवं माइक्रोबायोलाजी विभाग की एचओडी डॉ. शशि सूदन शर्मा के अलावा सर्जिकल टीम में डॉ. प्रमोद कलसोत्रा, डॉ. पदम सिंह, डॉ. सोनिका कनोत्रा, डॉ. स्मृति गुलाटी, डॉ. सतीश गुप्ता, डॉ. विजय कुंडल, डॉ. फ्याज वानी के अलावा सिस्टर साइमा, सिस्टर निशा और एनओ संजीव और मैथ्यू, फजल अहमद आदि मौजूद रहे।.