प्रदेश सरकार जम्मू-कश्मीर में सरकारी आदेशों के दस्तावेजों का अंग्रेजी के अलावा प्रदेश की अन्य आधिकारिक भाषाओं डोगरी, हिंदी, कश्मीर और उर्दू में भी अनुवाद कराएगी। सरकार आउटसोर्स के माध्यम से कंपनी का चयन करेगी और उसे तीन साल के लिए इस कार्य का ठेका देगी।
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में बीते वर्ष पांच भाषाओं को प्रदेश की आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त हुआ। हालांकि, सरकारी आदेश व दस्तावेज और अधिसूचनाएं अभी तक अंग्रेजी भाषा में ही लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। ऐसे में चार अन्य आधिकारिक भाषाओं हिंदी, डोगरी, कश्मीरी और उर्दू में भी अहम सरकारी आदेश व दस्तावेजों की जानकारी लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सरकार की तरफ से पहल की गई है।
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सामान्य प्रशासनिक विभाग के वित्त निदेशक की तरफ से जारी आदेश के तहत सरकारी दस्तावेजों व आदेशों का अनुवाद के लिए प्रतिष्ठित और वित्तीय तौर पर समृद्ध व पंजीकृत सेवा मुहैया करवाने वाली कंपनियों से निविदा मांगी गई है।
दस अगस्त 2021 तक कंपनियां आवेदन कर सकेंगी। 17 अगस्त को ऑनलाइन बिड होगी। चुनी गई कंपनी सामान्य प्रशासनिक विभाग और सूचना तकनीक विभाग से परामर्श कर सरकारी आदेशों व अहम दस्तावेजों का डोगरी, हिंदी, उर्दू और कश्मीरी में अनुवाद करेगी।