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Jammu News: ऑपरेशन सिंदूर में बेहतरीन सेवा के लिए एसडीएम खौड़ सम्मानित

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सुंदरबनी ब्रिगेड में आयोजित कार्यक्रम में सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने दिया एसडीएम सतीश कुमार शर्मा को सम्मान
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संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) जनरल धीरज सेठ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेहतरीन सेवाएं देने को लेकर एसडीएम खौड़ सतीश कुमार शर्मा को शुक्रवार को सेना की तरफ से सुंदरबनी ब्रिगेड में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया।
सेना के अनुसार एसडीएम खौड़ सतीश कुमार शर्मा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्षेत्र में अहम भूमिका निभाकर क्षेत्र के लोगों को नुकसान से बचाया था। सतीश कुमार शर्मा समर्पित, ईमानदार और बेहद पेशेवर सरकारी अधिकारी हैं। खौड़ सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात हैं। ऑपरेशन के दौरान उनकी लीडरशिप और प्लानिंग की वजह से 8 किलोमीटर के दायरे में सीमावर्ती 53 गांवों से आम लोगों को सुरक्षित और समय पर बाहर निकाला जा सका।
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उन्होंने विलेज एक्शन टीमें बनाई गईं। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया, ट्रांसपोर्ट का अच्छा इंतजाम किया और राहत शिविरों में खाने-पीने, साफ-सफाई और हेल्थकेयर की पूरी सुविधाएं दी गईं। अलग-अलग एजेंसियों के बीच रियल-टाइम तालमेल के लिए 24x7 कंट्रोल रूम बनाया गया था। इसी वजह से लगभग 86,000 में से 73,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और 17,000 लोगों को तय कैंपों में ठहराया गया। खौड़ सब-डिविजन में किसी की जान नहीं गई। जो संकट के समय में एक बहुत बड़ी कामयाबी थी।
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करीब 80 लोगों की जान बचाने पर की गई सराहना
पूरे ऑपरेशन के दौरान गोलाबारी, रास्ते बंद होने और कम्युनिकेशन में रुकावट के बावजूद जोखिम वाले और संवेदनशील इलाकों में खुद दौरा किया। बिना डरे लोगों के संपर्क में रहे जिसमें फील्ड टीमें, सेना के जवान और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। उन्होंने फ्रंटलाइन पर काम करने वालों की तरह ही जोखिम उठाए। एसडीएम सतीश शर्मा की सक्रिय कार्रवाई से कम से कम 80 लोगों की जान बची। ऑपरेशन के दौरान उनके घर पूरी तरह तबाह हो गए थे। लेकिन उनकी सीधी देखरेख और शुरुआती निर्देशों के तहत उन सभी को समय रहते सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था। ऑपरेशन के दौरान 11 घर पूरी तरह तबाह हो गए और 25 से ज्यादा घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद एसडीएम ने सेना के जवानों के साथ मिलकर संपत्ति और मवेशियों को हुए नुकसान का जायज़ा लेने के लिए विस्तृत सर्वे किया। सरकारी मुआवजे के बंटवारे की खुद निगरानी की ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर मदद मिल सके।
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