सरकार ने कर्मचारियों को राहत देते हुए डीबीटी मोड के माध्यम से समूह जनता (जीजे) के बीमा दावों का भुगतान करने का फैसला किया है। इसके अलावा कर्मचारियों के जीपीएफ खातों के वास्तविक समय के अपडेशन के आदेश भी दिए गए हैं। वित्त विभाग ने आदेश जारी कर सभी प्रशासनिक विभागों को अपने कर्मचारियों से समूह जनता बीमा पॉलिसी का नामांकन विवरण 15 दिन के भीतर वित्त विभाग में जमा करने के लिए कहा है।
इसके तहत कानूनी उत्तराधिकारी व आश्रितों को समूह जनता बीमा भुगतान के दावों में अनुचित देरी से बचने के लिए उचित उपाय किए गए हैं। इसमें मृत कर्मचारियों के कानूनी वारिसों को भुगतान करने में अनावश्यक देरी से बचने के लिए डीबीटी की नीति को अपनाई जा रही है। इसके लिए सभी कर्मचारियों के लिए नामांकन फॉर्म को अनिवार्य बना दिया है।
प्रशासनिक सचिवों को सभी डीडीओ को उनके अधीन काम करने वाले सभी कर्मचारियों के नामित, कानूनी उत्तराधिकारियों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। इसे 15 दिन के भीतर निर्धारित प्रारूप के साथ सॉफ्ट कॉपी को वित्त विभाग को देना होगा।
इसमें विभाग की ओर से डीबीटी मोड से बीमा भुगतान किया जाएगा। किसी भी मृत कर्मचारी के नामांकन फॉर्म जमा करने में देरी के मामले में संबंधित डीडीओ को जिम्मेदार माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान होगा।
एक अन्य सरकारी आदेश में वित्त विभाग ने सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों और रियल टाइम ट्रांसफर एंट्री टीई) अपडेशन को 1 सितंबर 2020 से करने को कहा है। इसमें कर्मचारियों को अपने जीपीएफ खातों के अपडेट किए गए शेष व लेनदेन की जानकारी मिल सकेगी। इस आदेश में महानिदेशक निधि संगठन, जेएंडके को एक सप्ताह के भीतर ऑनलाइन स्थानांतरण के लिए आवश्यक व्यवस्था करने को कहा गया है।