डॉ. फारूक अब्दुल्ला
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प्रदेश सरकार की ओर से नेशनल कांफ्रेंस नेताओं को नजरबंद किए जाने से इनकार के बाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सियासी गतिविधियां तेज कर दी हैं। उन्होंने शुक्रवार को पार्टी के और पांच नेताओं के साथ बैठक कर राज्य के सियासी हालात और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। इससे पहले गुरुवार को भी उन्होंने पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी। दरअसल, फारूक इसी बहाने सरकार के दावे को परखना चाहते हैं कि वाकई में नेताओं के आने जाने पर किसी प्रकार की रोक तो नहीं है।
पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक में संगठन को मजबूत करने और राजनीतिक गतिविधियों को शुरू करने पर बात हुई। यह भी कहा गया कि कोरोना संक्रमण में भी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए धरातल पर आम लोगों की समस्याओं को सुना जाए ताकि उनमें एक विश्वास का माहौल पैदा हो सके। साथ ही उन्हें लगे कि नेकां के कार्यकर्ता उनके साथ हैं।
बैठक में यह भी कहा गया कि सभी दलों को साथ लेकर अगली रणनीति तय की जानी चाहिए ताकि मुश्किलों से जूझ रही जनता को राहत मिल सके। पार्टी अध्यक्ष के गुपकार रोड स्थित आवास पर हुई बैठक में पार्टी के नेता मुबारक गुल, चौधरी रमजान, अगा सईद रुहल्लाह मेहदी, शमीमा फिरदौस व बशारत बुखारी शामिल हुए।
इससे पहले गुरुवार को नेकां महासचिव अली मोहम्मद सागर, संभागीय प्रधान नासिर असलम वानी, पूर्व मंत्री अब्दुल रहीम रथर, मो. शफी उड़ी, सांसद मोहम्मद अकबर लोन व हसनैन मसूदी तथा चन्नी ओरोय बैठक में शामिल हुए थे। यह सभी नेता पिछले साल पांच अगस्त से नजरबंद थे।
चरार-ए-शरीफ पहुंचे फारुक
नेकां अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं मोहम्मद शफी उरी, अब्दुल रहीम राथर, नासिर असलम वानी के साथ हजरत नूरूद्दीन वली की दरगाह पर चरार-ए-शरीफ भी पहुंचे।